Lucknow में होम्योपैथिक डॉक्टरों के लिए नए नियम लागू, अब फर्जी डिग्री पर नहीं मिलेगा रजिस्ट्रेशन
Lucknow : लखनऊ में होम्योपैथी के क्षेत्र में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) ने कड़े कदम उठाए हैं। अब किसी भी डॉक्टर को फर्जी डिग्री के आधार पर पंजीकरण नहीं मिलेगा। 16 जुलाई 2026 से लागू हुए इन नए
Lucknow : लखनऊ में होम्योपैथी के क्षेत्र में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH) ने कड़े कदम उठाए हैं। अब किसी भी डॉक्टर को फर्जी डिग्री के आधार पर पंजीकरण नहीं मिलेगा। 16 जुलाई 2026 से लागू हुए इन नए नियमों का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता लाना और मरीजों को धोखाधड़ी से बचाना है।
बोर्ड ऑफ एथिक्स एंड रजिस्ट्रेशन फॉर होम्योपैथी (BERH) ने सभी राज्यों के होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रारों को साफ निर्देश दिए हैं। अब किसी भी अभ्यर्थी का रजिस्ट्रेशन तब तक नहीं होगा जब तक कि उसकी मेडिकल क्वालिफिकेशन रिकग्निशन लिस्ट (MQRL) का पूरी तरह सत्यापन नहीं हो जाता। उत्तर प्रदेश होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के रजिस्ट्रार विनय कुमार तिवारी ने बताया कि इन नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है ताकि पात्रता की गहन जांच हो सके और कोई गड़बड़ी न रहे।
पंजीकरण के लिए अब अभ्यर्थी के पास BHMS की डिग्री और एक साल की अनिवार्य रोटेटरी इंटर्नशिप पूरी होना जरूरी है। साथ ही अभ्यर्थी का नाम MQRL में दर्ज होना अनिवार्य है। इसके अलावा, डॉक्टरों के लिए हर पांच साल में अपना लाइसेंस रिन्यू कराना जरूरी होगा। अगर कोई डॉक्टर छह महीने के भीतर अपनी जानकारी अपडेट नहीं करता है, तो वह प्रैक्टिस करने और नौकरी पर बने रहने का अधिकार खो सकता है।
| नियम/शर्त | विवरण |
|---|---|
| पंजीकरण की शर्त | MQRL सत्यापन अनिवार्य |
| अनिवार्य डिग्री | BHMS और 1 साल की इंटर्नशिप |
| लाइसेंस रिन्यूअल | हर 5 साल में अनिवार्य |
| अपडेट की समय सीमा | 6 महीने के भीतर |
| प्रतिबंधित कार्य | बिना रजिस्ट्रेशन क्लीनिक चलाना और फर्जी दावे करना |
| लागू तिथि | 16 जुलाई 2026 |
NCH के अध्यक्ष डॉ. तारकेश्वर जैन ने बताया कि आयोग ने पेशेवर आचरण और नैतिकता बनाए रखने के लिए 8 जून 2026 को एक सर्कुलर जारी किया था। इसमें बिना पंजीकरण क्लीनिक चलाने, फर्जी क्रेडेंशियल दिखाने और प्री-पेड लंबे उपचार पैकेज देने पर रोक लगाई गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भ्रामक या गलत बयानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, NCH अधिनियम 2020 के तहत नेशनल एग्जिट टेस्ट (NEXT) और नेशनल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (NTET) जैसे सुधार भी लागू किए जा रहे हैं।