UP : लखनऊ के मोहनलालगंज ब्लॉक में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। ICAR-NBFGR ने केसरीखेड़ा और देवती गांवों में ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ पहल के तहत किसानों को इकट्ठा किया। यहाँ उन
UP : लखनऊ के मोहनलालगंज ब्लॉक में किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक खास कार्यक्रम आयोजित किया गया। ICAR-NBFGR ने केसरीखेड़ा और देवती गांवों में ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ पहल के तहत किसानों को इकट्ठा किया। यहाँ उन्हें मछली पालन के नए तरीकों और मिट्टी की सेहत सुधारने के बारे में विस्तार से बताया गया ताकि वे अपनी खेती को और बेहतर बना सकें।
किसानों को किन बातों की जानकारी दी गई
इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद ग्रामीणों को वैज्ञानिक तरीके से मछली पालन करना सिखाना था। साथ ही उन्हें जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य सुधार (Soil Health Improvement) के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे सही खाद और जैविक तरीकों का इस्तेमाल करके मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को बढ़ाया जा सकता है, जिससे फसल की पैदावार बेहतर होगी।
संस्थान का लक्ष्य और विशेषज्ञों की राय
ICAR-NBFGR के निदेशक डॉ. यू. के. सरकार ने कहा कि संस्थान तकनीकी मदद के जरिए किसानों की आजीविका सुधारने के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने मछली पालने वाले किसानों को जलीय कृषि के जरिए ज्यादा पैसा कमाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्थानीय मछली प्रजातियों को बचाए रखने में ग्रामीणों की भागीदारी बहुत जरूरी है।
क्या है ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ अभियान
यह अभियान जुलाई 2015 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया था। इसका लक्ष्य वैज्ञानिकों और किसानों के बीच की दूरी को कम करना है ताकि लैब में होने वाली रिसर्च का फायदा सीधे खेतों तक पहुँच सके। इस पहल के तहत मिट्टी, पानी, पशुपालन और मछली विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाता है ताकि गांव के लोगों की आय बढ़ सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य वैज्ञानिकों और किसानों के बीच सीधा संपर्क बनाना है ताकि लैब की नई तकनीकों को खेतों तक पहुँचाया जा सके और मछली पालन व पशुपालन जैसे क्षेत्रों के जरिए किसानों की आय बढ़ाई जा सके।
लखनऊ के किन गांवों में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ?
यह कार्यक्रम लखनऊ जनपद के मोहनलालगंज ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले केसरीखेड़ा और देवती गांवों में 19 मई, 2026 को आयोजित किया गया था।