Lucknow में नशा मुक्ति की शपथ, महिलाओं और बालिकाओं को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई

Lucknow: राजधानी लखनऊ के विकास भवन में नशा मुक्त समाज बनाने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम का मकसद लोगों को नशे की लत से दूर रखना और महिलाओं व बालिकाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना था। जिला

Lucknow: राजधानी लखनऊ के विकास भवन में नशा मुक्त समाज बनाने के लिए एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम का मकसद लोगों को नशे की लत से दूर रखना और महिलाओं व बालिकाओं को सरकार की विभिन्न योजनाओं से जोड़ना था। जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर इस पूरे आयोजन को पूरा किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन ‘हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन’ की टीम ने किया। इस दौरान ‘नशा मुक्ति भारत अभियान’ के तहत वहां मौजूद अधिकारियों, कर्मचारियों और आम लोगों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई। यह अभियान सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा चलाया जा रहा है, जिसका लक्ष्य स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों में नशाखोरी के खिलाफ जागरूकता फैलाना और इलाज की सुविधा देना है।

इस मौके पर महिलाओं और लड़कियों को सरकारी योजनाओं के बारे में बताया गया ताकि वे इनका लाभ उठा सकें। उत्तर प्रदेश में निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और उज्ज्वला योजना जैसी कई स्कीम चल रही हैं। साथ ही, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुसार तीन तलाक या एसिड अटैक जैसी सामाजिक त्रासदियों से प्रभावित महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए पक्के घर दिलाने की कोशिशें भी की जा रही हैं।

लखनऊ में नशे के खिलाफ मुहिम लगातार जारी है। इससे पहले 24 जून को भी चिनहट और सरोजनी नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में NALSA (DAWN) स्कीम 2025 के तहत विधिक जागरूकता और नशा मुक्ति कार्यक्रम आयोजित किया गया था। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, नशा मुक्ति भारत अभियान से जुड़कर उपचार लेने वालों की संख्या 2020 के 2.08 लाख से बढ़कर 2025 में 8.20 लाख से ज्यादा हो गई है।