Lucknow में नशा मुक्ति अभियान तेज, महिलाओं को दिलाई गई शपथ और युवाओं के लिए शुरू होगी क्विज

Lucknow: राजधानी लखनऊ में समाज को नशे की लत से बचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। विकास भवन और विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गय

Lucknow: राजधानी लखनऊ में समाज को नशे की लत से बचाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। विकास भवन और विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए, जहां लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताया गया और सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। इस अभियान का मुख्य मकसद महिलाओं, बालिकाओं और युवाओं को नशे से दूर रखकर एक स्वस्थ समाज बनाना है।

25 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के मौके पर विकास भवन में एक खास कार्यक्रम हुआ। जिला प्रोबेशन अधिकारी के निर्देश पर ‘हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन’ की टीम ने वहां मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। इसी दौरान सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने लोकसभा में जानकारी दी कि देश में 347 एकीकृत नशा पुनर्वास केंद्र और 46 सामुदायिक पुनर्वास केंद्र काम कर रहे हैं। साथ ही, मदद के लिए 14446 टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।

अभियान को आगे बढ़ाते हुए 26 जून को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने चिनहट और सरोजनी नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। यह कार्यक्रम जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह के मार्गदर्शन और सचिव कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा के निर्देशन में हुआ। यहां लोगों को NALSA (DAWN) स्कीम 2025 के बारे में बताया गया और यह जानकारी दी गई कि नशीले पदार्थों के सेवन से शरीर और दिमाग पर क्या बुरा असर पड़ता है। साथ ही, प्रभावित लोगों को कानूनी सहायता और पुनर्वास सेवाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया।

युवाओं को इस मुहिम से जोड़ने के लिए युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय ‘मेरा युवा भारत’ (MY भारत) पोर्टल के जरिए 26 जून से ‘राष्ट्रीय नशा मुक्ति प्रश्नोत्तरी’ शुरू कर रहा है। इसके साथ ही 6 जुलाई तक एक राष्ट्रव्यापी नशा मुक्ति गान के लिए युवाओं से सुझाव, नारे और गीत मांगे जाएंगे। इस पूरे अभियान का समापन 14 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में होने वाले राष्ट्रीय नशा मुक्ति युवा सम्मेलन में होगा। उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में इस अभियान को जन-आंदोलन बनाने की कोशिश कर रही है।