UP : लखनऊ नगर निगम ने Census 2027 के काम में ढिलाई बरतने वाले 615 कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशिक्षण और जरूरी सामान मिलने के बाद भी कई कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले, जिससे जनगणना का काम पिछड़ रहा है। नगर
UP : लखनऊ नगर निगम ने Census 2027 के काम में ढिलाई बरतने वाले 615 कर्मचारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। प्रशिक्षण और जरूरी सामान मिलने के बाद भी कई कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले, जिससे जनगणना का काम पिछड़ रहा है। नगर निगम ने इन कर्मचारियों के नाम संबंधित थानों को भेज दिए हैं ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
किन कर्मचारियों पर गिरी गाज और क्या है कार्रवाई
नगर निगम ने अब तक हजरतगंज, ठाकुरगंज और अलीगंज पुलिस स्टेशनों में 479 कर्मचारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इन शिकायतों में कर्मचारियों के नाम और मोबाइल नंबर दिए गए हैं। पुलिस की कार्रवाई की खबर मिलते ही कुछ कर्मचारी अब ड्यूटी पर वापस आने की बात कह रहे हैं। कुल 6270 ब्लॉक बनाए गए थे, लेकिन सुपरवाइजरों समेत लगभग 800 कर्मचारी अपनी ड्यूटी से गायब मिले।
जनगणना के नियम और सजा का प्रावधान क्या है
जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 4, 5 और 11 के मुताबिक, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी ‘लोक सेवक’ माने जाते हैं। काम में लापरवाही करने या ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। अगर दोष सिद्ध होता है, तो तीन साल तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है। नगर आयुक्त गौरव कुमार ने साफ किया है कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल और व्यवस्था
जनगणना का पहला चरण यानी मकानों की गिनती 22 मई, 2026 से शुरू होकर 20 जून, 2026 तक चलेगा। दूसरा चरण, जिसमें जनसंख्या की गणना होगी, वह 9 फरवरी से 28 फरवरी, 2027 तक होगा। जनता की मदद के लिए सभी 8 जोनों में जनगणना नियंत्रण कक्ष बनाए गए हैं, जहाँ हेल्पलाइन नंबर के जरिए शिकायतों का निपटारा किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
जनगणना ड्यूटी से गायब रहने पर क्या सजा हो सकती है?
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर 1,000 रुपये तक का जुर्माना और दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की कैद हो सकती है।
लखनऊ में जनगणना का पहला चरण कब तक चलेगा?
मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का पहला चरण 22 मई, 2026 से शुरू होकर 20 जून, 2026 तक निर्धारित है।