Lucknow नगर निगम में टेंडर विवाद, भाजपा पार्षद का आरोप- सपा पार्षद जबरन करा रहे काम

UP/Lucknow : लखनऊ नगर निगम में वार्डों के अधिकार क्षेत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भवानीगंज वार्ड में बिना टेंडर के काम कराए जाने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर भाजपा और सपा के पार्षदों के बीच टकराव की स्थिति

UP/Lucknow : लखनऊ नगर निगम में वार्डों के अधिकार क्षेत्र को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भवानीगंज वार्ड में बिना टेंडर के काम कराए जाने का मामला सामने आया है, जिसे लेकर भाजपा और सपा के पार्षदों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है।

भाजपा पार्षद Reeta Rai ने आरोप लगाया है कि सपा पार्षद Laiq Agha अपने वार्ड में काम न कराकर नियमों को ताक पर रखकर भवानीगंज वार्ड में जबरन काम करा रहे हैं। रीता राय के मुताबिक, यह पूरा काम बिना किसी टेंडर प्रक्रिया के किया जा रहा है और इसमें नगर निगम के इंजीनियरों की मिलीभगत है।

नियमों की बात करें तो उत्तर प्रदेश नगर निगम (कक्ष समिति) नियमावली 2012 के तहत वार्ड समितियों के अधिकार तय हैं। किसी भी विवाद की स्थिति में नगर निगम का फैसला अंतिम होता है। वहीं, यूपी नगर निगम अधिनियम 1959 की धारा 91(1) के अनुसार निर्माण और स्ट्रीट लाइट जैसे कामों के लिए कार्यकारी समिति या नगर निगम सदन की मंजूरी जरूरी होती है और काम ई-टेंडर के जरिए ही कराए जाने का प्रावधान है।

इस मामले में मुख्य अभियंता और अन्य इंजीनियरों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं क्योंकि सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े कामों की जिम्मेदारी उन्हीं की होती है। लखनऊ नगर निगम में पहले भी टेंडर में गड़बड़ी और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं, जिसमें कई बार अधिकारियों पर कार्रवाई भी हुई है। फिलहाल इस विवाद पर नगर निगम प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।