Lucknow नगर निगम में बजट आवंटन पर रार, BJP पार्षदों ने मेयर पर लगाया भेदभाव का आरोप

Lucknow: राजधानी के नगर निगम में विकास कार्यों के लिए मिलने वाले फंड को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी के करीब 30 पार्षदों ने मेयर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अवस्थापना निधि और 15वें व

Lucknow: राजधानी के नगर निगम में विकास कार्यों के लिए मिलने वाले फंड को लेकर एक बार फिर विवाद शुरू हो गया है। बीजेपी के करीब 30 पार्षदों ने मेयर पर पक्षपात करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अवस्थापना निधि और 15वें वित्त आयोग के बजट को बांटने में भेदभाव किया गया है, जिससे कई वार्डों के विकास कार्य रुके हुए हैं।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को इन पार्षदों ने बीजेपी के महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी से मुलाकात की और अपनी शिकायत दर्ज कराई। पार्षदों का आरोप है कि मेयर ने केवल अपने पसंदीदा वार्डों को ज्यादा प्रोजेक्ट दिए हैं। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसदीय क्षेत्र के 88 वार्डों के लिए सिर्फ 18 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं, जबकि समाजवादी पार्टी के सांसद आर.के. चौधरी के मोहनलालगंज क्षेत्र के 22 वार्डों के लिए 32 करोड़ रुपये का बजट पास किया गया है।

इस विवाद के बीच मेयर की मुश्किलें पहले से ही बढ़ी हुई हैं। 24 मई 2026 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मेयर की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियों को सस्पेंड कर दिया था। वहीं, नगर निगम में आपसी खींचतान का असर बजट खर्च पर भी पड़ा है। पिछले साल के बजट में से 330 करोड़ रुपये खर्च नहीं हो पाए थे, जिसकी वजह से राज्य सरकार ने चालू वर्ष का अनुदान रोक दिया था।

दूसरी तरफ, नगर निगम ने हाउस टैक्स न भरने वालों के लिए वन टाइम सेटलमेंट (OTS) स्कीम को मंजूरी दी है। इस स्कीम के जरिए ब्याज और जुर्माने में छूट दी जाएगी ताकि निगम की कमाई बढ़ सके। इस पैसे का इस्तेमाल शहर की सड़कों, साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं को सुधारने में किया जाएगा। बीजेपी महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने शिकायत करने वाले पार्षदों को भरोसा दिया है कि उनकी समस्याओं का समाधान निकाला जाएगा।