Lucknow में गंदगी और अतिक्रमण पर नगर निगम का एक्शन, वसूला 33 हजार से ज्यादा जुर्माना
Lucknow : राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा रखने और सड़कों से अवैध कब्जे हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया। नगर आयुक्त के निर्देश पर जोन तीन के डालीगंज क्रॉसिंग से लेकर नवीन गल्ला मंडी और सीतापुर रोड तक यह कार्र
Lucknow : राजधानी लखनऊ में नगर निगम ने शहर को साफ-सुथरा रखने और सड़कों से अवैध कब्जे हटाने के लिए बड़ा अभियान चलाया। नगर आयुक्त के निर्देश पर जोन तीन के डालीगंज क्रॉसिंग से लेकर नवीन गल्ला मंडी और सीतापुर रोड तक यह कार्रवाई की गई। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों से कुल 33,600 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
नगर निगम की टीम ने सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने वालों और सिंगल-यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल करने वालों पर सख्ती दिखाई। गंदगी फैलाने के आरोप में चार लोगों के चालान काटकर 2,750 रुपये और पॉलीथिन के इस्तेमाल पर चार चालानों के जरिए 4,000 रुपये का जुर्माना लिया गया। सबसे ज्यादा कार्रवाई अतिक्रमण करने वालों पर हुई, जहां सड़क और सार्वजनिक स्थलों पर अवैध कब्जे हटाए गए और आठ चालानों के जरिए 26,750 रुपये वसूले गए।
इस अभियान में सफाई एवं खाद्य निरीक्षक पुष्कर सिंह पटेल और क्षेत्रीय सुपरवाइजरों की टीम शामिल रही। टीम ने बिना लाइसेंस तंबाकू बेचने वाली एक दुकान पर 100 रुपये का स्पॉट फाइन भी लगाया। अधिकारियों ने तंबाकू विक्रेताओं को लाइसेंस बनवाने की सलाह दी और चेतावनी दी कि भविष्य में अतिक्रमण मिलने पर और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
तंबाकू उत्पाद बेचने के लिए लखनऊ नगर निगम की 2018 की उपविधि के तहत लाइसेंस लेना जरूरी है। इसके लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना, उम्र 18 वर्ष से अधिक होना और आधार कार्ड होना अनिवार्य है। साथ ही दुकान किसी भी स्कूल या कॉलेज से 100 गज की दूरी पर होनी चाहिए। लाइसेंस शुल्क की बात करें तो अस्थायी दुकानों के लिए 200 रुपये, स्थायी के लिए 1,000 रुपये और थोक दुकानदारों के लिए 5,000 रुपये सालाना तय किए गए हैं। बिना लाइसेंस दुकान चलाने पर पहली बार 2,000 रुपये और तीसरी बार 5,000 रुपये के जुर्माने के साथ FIR दर्ज की जा सकती है।
गंदगी फैलाने वालों के लिए उत्तर प्रदेश ठोस अपशिष्ट नियमावली 2021 लागू है। इसके तहत कूड़ा गाड़ी से कूड़ा फेंकने, सार्वजनिक जगह पर थूकने, कूड़ा जलाने या सड़क किनारे मलबा रखने पर 100 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।