Lucknow नगर निगम में सियासी घमासान, 36 BJP पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ CM योगी को लिखा पत्र
Lucknow: लखनऊ नगर निगम में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। बीजेपी के 36 पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की है। पार्षदों का आरोप है कि मेयर विकास कार
Lucknow: लखनऊ नगर निगम में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। बीजेपी के 36 पार्षदों ने मेयर सुषमा खर्कवाल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की है। पार्षदों का आरोप है कि मेयर विकास कार्यों के बजट के बंटवारे में भेदभाव कर रही हैं।
विवाद की मुख्य वजह ‘अवस्थपना निधि’ (Infrastructure Fund) का वितरण है। पार्षदों का कहना है कि मेयर अपनी पसंद के हिसाब से फंड बांट रही हैं, जिससे कई वार्डों के विकास कार्य रुक गए हैं और आम जनता को परेशानी हो रही है। आरोप है कि मोहनलालगंज के 22 वार्डों को 21.55 करोड़ रुपये दिए गए, जबकि लखनऊ के 88 वार्डों की अनदेखी की गई।
यह पहली बार नहीं है जब मेयर के खिलाफ आवाज उठी है। 25 जुलाई 2026 को 32 पार्षदों ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात कर अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं। नाराज पार्षदों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो वे बीजेपी से इस्तीफा दे सकते हैं।
मेयर सुषमा खर्कवाल का कार्यकाल विवादों से घिरा रहा है। मई 2026 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने समाजवादी पार्टी के पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलाने में देरी के कारण मेयर की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियां फ्रीज कर दी थीं। इसके अलावा उन पर अधिकारियों के साथ असहयोग और मनमाने फैसले लेने के आरोप भी लगे हैं।
नगर निगम का साल 2026-27 के लिए 46.92 अरब रुपये का बजट 23 मार्च 2026 को पास हुआ था। हालांकि, पार्षदों का दावा है कि बजट होने के बावजूद राजनीतिक कारणों से उन्हें फंड नहीं मिल रहा है।