Lucknow में अवैध डेयरियों पर नगर निगम का बड़ा एक्शन, 3 दिन में पकड़े गए 119 पशु

Lucknow: लखनऊ नगर निगम शहर में अवैध रूप से चल रही दूध डेयरियों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है ताकि

Lucknow: लखनऊ नगर निगम शहर में अवैध रूप से चल रही दूध डेयरियों और सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं के खिलाफ सख्त अभियान चला रहा है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के निर्देश पर शहर के अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की जा रही है ताकि गंदगी और ट्रैफिक की समस्या को कम किया जा सके।

शनिवार, 8 अगस्त को जोन-3 के विज्ञानपुरी, महानगर, फैजुल्लागंज और घोषियाना जैसे इलाकों में कार्रवाई की गई, जहां से 37 पशु पकड़े गए। इससे ठीक पहले शुक्रवार को भी निशातगंज और ग्वारी में अभियान चला था। वहां डेयरी संचालकों ने विरोध किया, लेकिन निगम की टीम ने 34 पशु पकड़े, जिनमें 24 गायें, दो बछिया, एक बछड़ा और सात भैंस शामिल थीं। इन सभी पशुओं को आलमबाग स्थित कांजी हाउस भेज दिया गया है।

नगर निगम ने केवल पशुओं पर ही नहीं, बल्कि अतिक्रमण पर भी सख्ती दिखाई है। गुरुवार को शहर के पांच जोन (3, 4, 5, 7 और 8) में बड़ा अभियान चला। जोन-3 में जोनल अधिकारी अजीत राय के नेतृत्व में केंद्रीय भवन से पुरनिया चौराहे तक 15 से 20 दुकानों के अवैध कब्जे हटाए गए और 8,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया। साथ ही, 4 अगस्त से सरकारी अस्पतालों के पास से आवारा कुत्तों को हटाने का काम भी शुरू किया गया है।

पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव वर्मा ने बताया कि IGRS पोर्टल और अन्य माध्यमों से शिकायतें मिल रही थीं कि डेयरी संचालक खाली प्लॉटों में गोबर फेंक रहे हैं और नालियों में गंदगी बहा रहे हैं। इससे इलाके में बदबू फैल रही थी और मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया था।

नगर निगम अधिनियम 1959 के मुताबिक, शहरी इलाके में भैंस पालन पूरी तरह प्रतिबंधित है क्योंकि इन्हें अपदूषणकारी पशु माना गया है। शहर में लाइसेंस लेकर अधिकतम दो गायें ही पाली जा सकती हैं। निगम ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास चल रही अवैध डेयरियों की जानकारी तुरंत दें ताकि कार्रवाई की जा सके।