Lucknow में बारिश के बीच हुई ग्यारह मुहर्रम की मजलिस, मौलाना कल्बे जवाद ने बयान किया कर्बला का मंजर
Lucknow: राजधानी लखनऊ में शनिवार देर रात बारिश के बीच यौम-ए-आशूर के दूसरे दिन ग्यारह मुहर्रम की मजलिस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरा माहौल गम-ए-हुसैन में डूब गया। मजलिस के दौरान
Lucknow: राजधानी लखनऊ में शनिवार देर रात बारिश के बीच यौम-ए-आशूर के दूसरे दिन ग्यारह मुहर्रम की मजलिस का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और पूरा माहौल गम-ए-हुसैन में डूब गया। मजलिस के दौरान कर्बला की याद में अजादारी की गई और या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं।
इस मजलिस को लखनऊ के इमाम-ए-जुमा मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने खिताब किया। उन्होंने अपने संबोधन में कर्बला की प्यास के मंजर का मार्मिक वर्णन किया, जिससे वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। यह पूरा आयोजन 27 जून 2026 की देर रात संपन्न हुआ। शहर में उस समय हल्की बारिश हो रही थी और आसमान में बादल छाए हुए थे, लेकिन इसके बावजूद अकीदतमंदों की भीड़ जमा रही।
इस आयोजन से पहले 17 जून से 25 जून 2026 तक चौक स्थित इमामबाड़ा गुफरानमाब में दस दिवसीय अशरा-ए-मजलिस भी आयोजित की गई थीं। इनमें मौलाना कल्बे जवाद ने तौहीद-ए-अहलेबैत विषय पर अपने विचार रखे थे। इसके अलावा 11 मुहर्रम को दरगाह हज़रत अब्बास में जुलूस मंज़र-ए-कर्बला भी निकाला गया।