Lucknow में मनाया गया MSME दिवस, छोटे व्यापारियों ने उठाई वित्तीय सहायता और स्किल्ड लेबर की मांग

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसां में 27 जून, 2026 को ‘उद्योग संवाद एवं सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने व्यापारियों के साथ चर्चा की

Lucknow: राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित होटल रेनेसां में 27 जून, 2026 को ‘उद्योग संवाद एवं सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन ने व्यापारियों के साथ चर्चा की और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) क्षेत्र को मजबूत करने पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि कैसे छोटे उद्योगों को और अधिक सक्षम बनाकर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।

संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने बताया कि MSME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की जीडीपी में इस क्षेत्र का योगदान करीब 30% है और कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 40% से ज्यादा है। कृषि के बाद यह देश में कमाई का दूसरा सबसे बड़ा जरिया है, जो कुल रोजगार में 43% का योगदान देता है। इस मौके पर मुरलीधर आहूजा को ‘MSME प्रणेता सम्मान’ से नवाजा गया।

संवाद के दौरान कुशल कारीगरों और लेबर की कमी पर चिंता जताई गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता और उपाध्यक्ष गजेंद्र शर्मा ने कहा कि अब सिर्फ पढ़ाई काफी नहीं है, बल्कि शिक्षा के साथ कौशल विकास (Skill Development) को अनिवार्य करना होगा। उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार से मांग की कि तमिलनाडु सरकार की तरह यूपी में भी MSME के लिए अलग से ऋण और वित्तीय सहायता की व्यवस्था की जाए, ताकि छोटे उद्यमियों को पैसों की किल्लत न हो।

उत्तर प्रदेश में MSME क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध आंकड़े नीचे दी गई टेबल में देखे जा सकते हैं:

विवरण आंकड़े/जानकारी
कुल MSME इकाइयां (UP) 96 लाख से अधिक (देश में सबसे ज्यादा)
प्रशिक्षित युवा 25 लाख से अधिक
रोजगार पाने वाले युवा 10.20 लाख
पिछले एक साल में सृजित रोजगार लगभग 39 लाख
मुख्य फोकस क्षेत्र AI, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा और डेटा एनालिटिक्स

यूपी कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि योगी सरकार युवाओं को उनकी रुचि के हिसाब से तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स की ट्रेनिंग दे रही है। लक्ष्य यह है कि उत्तर प्रदेश को ‘वैश्विक कौशल राजधानी’ बनाया जाए, जिससे स्थानीय युवाओं को घरेलू और विदेशी बाजारों में बेहतर काम मिल सके। इसके लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना और स्वरोजगार संगम जैसी पहल चलाई जा रही हैं।