Lucknow में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़, संतान और बीमारी ठीक करने का लालच देकर फंसाते थे, 7 गिरफ्तार
Lucknow/Mohanlalganj: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय धर्मांतरण नेटवर्क को पकड़ा है। यह गिरोह गांव के भोले-भाले लोगों को संतान प्राप्ति, गंभीर बीमारियों के इलाज और आर्थिक मदद का लालच देकर ईसाई ध
Lucknow/Mohanlalganj: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय धर्मांतरण नेटवर्क को पकड़ा है। यह गिरोह गांव के भोले-भाले लोगों को संतान प्राप्ति, गंभीर बीमारियों के इलाज और आर्थिक मदद का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए उकसा रहा था। पुलिस ने इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, भरसवा गांव के अमित कुमार ने शिकायत की थी कि कुछ लोग गांव में आकर लोगों पर चर्च जाने और धर्म बदलने का दबाव बना रहे थे। आरोपी रात के समय बोलेरो गाड़ी से गांवों में पहुंचते थे और लोगों को बेहतर जीवन और शादी-विवाह में मदद का भरोसा देते थे। जो लोग उनकी बात नहीं मानते थे, उन्हें धमकियां भी दी जाती थीं।
गिरफ्तार किए गए लोगों में मुख्य आरोपी 58 साल का डेनियल और उसकी पत्नी सुबला शामिल हैं, जो तमिलनाडु के रहने वाले हैं। पूछताछ में डेनियल ने बताया कि उसका असली नाम बाला सुब्रह्मण्यम है। उसने दावा किया कि वह 1998 में तमिलनाडु के FGPC चर्च के कहने पर लखनऊ आया था और उसे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाया गया था। उसे ज्यादा से ज्यादा लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का टारगेट दिया जाता था, जिसके बदले उसे पैसे मिलते थे।
पुलिस ने इस मामले में डेनियल और सुबला के अलावा चंद्रभान, उसकी पत्नी आरती, सीमा, शीला और अजय रावत को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से धर्मांतरण से जुड़ी किताबें, बुकलेट्स, बैंक स्टेटमेंट और एक बोलेरो गाड़ी बरामद हुई है।
एडीसीपी साउथ रल्लापल्ली वंसथ कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। 24 जुलाई को सभी सात आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। अब पुलिस बैंक स्टेटमेंट की जांच कर रही है ताकि यह पता चल सके कि इस काम के लिए पैसा कहां से आ रहा था और इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।