Lucknow में धर्मांतरण सिंडिकेट का भंडाफोड़, पास्टर दंपति समेत 7 गिरफ्तार

Lucknow: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस मामले में मुख्य आरोपी पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी सुबाला समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने

Lucknow: लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में पुलिस ने धर्मांतरण कराने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इस मामले में मुख्य आरोपी पास्टर डेनियल और उसकी पत्नी सुबाला समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से एक बोलेरो गाड़ी, बैंक स्टेटमेंट, धार्मिक किताबें और एक डायरी बरामद की है।

यह पूरा मामला 22 जुलाई की रात को सामने आया जब भरसवा गांव के रहने वाले अमित कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अमित का आरोप था कि ये लोग उन्हें और अन्य ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहे थे। शिकायत के बाद मोहनलालगंज पुलिस ने 24 जुलाई को छापेमारी कर इस गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरफ्तार किए गए लोगों में पास्टर डेनियल (58 वर्ष), उसकी पत्नी सुबाला (51 वर्ष), चंद्रभान, आरती, सीमा, शीला और अजय रावत शामिल हैं।

पुलिस पूछताछ में पास्टर डेनियल ने खुलासा किया कि वह मूल रूप से बाला सुब्रमण्यम है और उसे तमिलनाडु के कन्याकुमारी स्थित FGPC चर्च से फंडिंग मिलती थी। उसे वाराणसी सर्किल का पास्टर बनाया गया था और धर्मांतरण के लिए सालाना टारगेट दिए जाते थे। मोहनलालगंज इंस्पेक्टर राम बाबू ने बताया कि यह गिरोह भोले-भाले लोगों को बीमारी ठीक करने, संतान प्राप्ति, आर्थिक मदद और शादी-ब्याह में सहयोग का लालच देकर धर्म बदलने के लिए उकसाता था। जो लोग बात नहीं मानते थे, उन पर मानसिक दबाव भी बनाया जाता था।

दक्षिण क्षेत्र के अतिरिक्त डीसीपी वसंत कुमार रल्लापल्ली के मुताबिक, पुलिस अब इस नेटवर्क के बैंक खातों और फंडिंग के स्रोतों की गहराई से जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने और किन-किन इलाकों में अपना जाल फैलाया है और कितने लोगों को प्रभावित किया है। आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।