Lucknow में धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़, Gen-Z युवाओं को बनाया सॉफ्ट टारगेट; ED-CBI से बचने की दी ट्रेनिंग

Lucknow/Mohanlalganj: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक बड़े धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह ने खास तौर पर जेन-जी यानी आज की युवा पीढ़ी को अपना निशाना बनाया था। हैरान करने वाली बात यह है कि युवाओं को य

Lucknow/Mohanlalganj: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज इलाके में एक बड़े धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इस गिरोह ने खास तौर पर जेन-जी यानी आज की युवा पीढ़ी को अपना निशाना बनाया था। हैरान करने वाली बात यह है कि युवाओं को यह तक सिखाया गया था कि अगर जांच एजेंसियां जैसे ED या CBI उनसे पूछताछ करें, तो उन्हें क्या जवाब देना है।

इस गिरोह के काम करने का तरीका काफी शातिर था। वे गांवों में गरीब परिवारों के बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने का लालच देकर उनसे संपर्क करते थे। इसके बाद उन्हें प्रार्थना सभाओं में बुलाया जाता था, जहां उन्हें ईसाई धर्म की सामग्री दी जाती थी और बाइबिल पढ़ने के लिए कहा जाता था। भदेसुवा गांव के नयाखेड़ा मजरे में एक चर्च में चंगाई सभा आयोजित की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए। जब हिंदू संगठनों ने वहां पहुंचकर पूछताछ की, तो इन युवाओं ने यीशु में अपनी आस्था का जिक्र किया।

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि यह नेटवर्क करीब 20 साल पुराना है और दलितों व वंचित वर्ग के लोगों को निशाना बना रहा है। 24 जुलाई 2026 को पुलिस ने तमिलनाडु के एक पादरी दंपति समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया था। गिरोह का सरगना डेनियल केरल और तमिलनाडु के कन्याकुमारी से नियमित पैसे ले रहा था, जिसकी जांच अब पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के जरिए कर रही है।

इस गिरोह के अन्य चौंकाने वाले खुलासे भी हुए हैं। चंगाई सभाओं में बीमार लोगों को पवित्र जल के नाम पर स्टेरॉयड दिया जाता था, ताकि उन्हें तुरंत आराम महसूस हो और इसे ईश्वरीय चमत्कार बताया जा सके। साथ ही बच्चों को मिशनरी अस्पतालों में मुफ्त इलाज और अच्छी शिक्षा का लालच दिया जाता था। 10 अगस्त को पादरी चंद्रिका प्रसाद और उसकी पत्नी समेत कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया, जिन पर दो बकरी और टंकी बनवाने का लालच देकर लोगों का धर्म परिवर्तन कराने का आरोप है।

एडीसीपी साउथ बसंथ कुमार रल्लापल्ली ने बताया कि पुलिस ने मौके से धार्मिक साहित्य बरामद किया है और आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरोह के सरगना ने 26 जून को एक बैठक भी की थी, जिसमें सदस्यों को सलाह दी गई थी कि पुलिस के बुलाने पर तुरंत न जाएं बल्कि एक-दो दिन का समय लेकर आपस में तालमेल बिठाएं।