UP : लखनऊ के सैरपुर इलाके में पुलिस और डीसीपी उत्तरी की क्राइम टीम ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो लोगों के मोबाइल और पर्स चोरी कर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे. यह गिरोह इतना शातिर था कि चोरी किए गए फोन से यूपीआई
UP : लखनऊ के सैरपुर इलाके में पुलिस और डीसीपी उत्तरी की क्राइम टीम ने एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है जो लोगों के मोबाइल और पर्स चोरी कर उनके बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे. यह गिरोह इतना शातिर था कि चोरी किए गए फोन से यूपीआई आईडी बनाकर लाखों की ठगी करता था. पुलिस ने इस मामले में सरगना समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है.
ठगी करने का तरीका क्या था
पकड़े गए आरोपी भीड़भाड़ वाली जगहों जैसे अस्पताल और बाजारों को निशाना बनाते थे. अगर मोबाइल अनलॉक मिलता था तो वे आधार नंबर की जानकारी निकाल लेते थे और लॉक फोन होने पर सिम कार्ड निकालकर उसका इस्तेमाल करते थे. इसके बाद यूपीआई ऐप डाउनलोड कर पिन रीसेट किया जाता था और खाते से पैसे ट्रांसफर कर लिए जाते थे. आरोपियों ने लखनऊ, वाराणसी, मेरठ और हरदोई में करीब दो दर्जन से ज्यादा वारदातों को अंजाम दिया है.
कौन हुए गिरफ्तार और क्या हुआ बरामद
| नाम |
पता |
| सतेंद्र सिंह उर्फ अजय |
औरैया, ब्रह्मनगर |
| सत्यम कुमार सोनी |
औरैया, ब्रह्मनगर |
| प्रवीन कुमार श्रीवास्तव |
हाथरस, सिकंदराराऊ सुजावलपुर |
| देशराज |
शाहजहांपुर, सेहरामऊ सिंगरा |
| राम सुमिरन |
हरदोई, मझिला रसूलपुर बेहड़ा |
पुलिस ने इनके पास से 15 मोबाइल फोन, 7 सिम कार्ड, 2 डेबिट कार्ड, 22 हजार रुपये नकद और एक कार बरामद की है. यह पूरी कार्रवाई सरोज कुमार नाम के व्यक्ति की शिकायत पर की गई, जिनके खाते से 1 लाख 90 हजार रुपये निकाल लिए गए थे.
यूपीआई पेमेंट के लिए नए सुरक्षा नियम
सरकार ने 1 जून 2026 से यूपीआई लेनदेन को सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू किए हैं. अब बड़ी रकम भेजने के लिए फिंगरप्रिंट या फेस आईडी जैसा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण जरूरी होगा. साथ ही पेमेंट करते समय सामने वाले का बैंक में रजिस्टर्ड नाम भी दिखेगा ताकि गलत आईडी पर पैसे न जाएं. पुलिस ने सलाह दी है कि फोन और यूपीआई ऐप पर बायोमेट्रिक लॉक ऑन रखें और अपना पिन किसी को न बताएं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
मोबाइल चोरी होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए?
लखनऊ पुलिस के अनुसार मोबाइल चोरी या गुम होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन, नजदीकी थाने या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए.
यूपीआई ठगी से बचने के लिए नए नियम क्या हैं?
जून 2026 से बड़ी राशि के लेनदेन के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अनिवार्य है और भुगतान के समय प्राप्तकर्ता का बैंक-पंजीकृत नाम भी स्क्रीन पर दिखाई देगा.