UP : लखनऊ के हजरतगंज थाने में विधान परिषद सदस्य (MLC) अक्षय प्रताप सिंह और चार अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मामला राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आरोप है कि फ
UP : लखनऊ के हजरतगंज थाने में विधान परिषद सदस्य (MLC) अक्षय प्रताप सिंह और चार अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मामला राजा भैया की पत्नी भानवी कुमारी सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। आरोप है कि फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के जरिए 5 करोड़ रुपये से ज्यादा की एक पार्टनरशिप फर्म और उसकी संपत्तियों को हड़पने की कोशिश की गई।
क्या है पूरा मामला और किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
भानवी कुमारी सिंह ने आरोप लगाया कि 15 नवंबर 2020 को फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए ताकि ‘M/s Sarang Enterprises’ नाम की फर्म के रिकॉर्ड बदले जा सकें। यह फर्म 10 फरवरी 2014 को रजिस्टर हुई थी जिसमें भानवी सिंह और अक्षय प्रताप सिंह दोनों पार्टनर थे। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 465 (कूटरचना) समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। यह कार्रवाई MP-MLA कोर्ट के विशेष ACJM आलोक वर्मा के आदेश के बाद की गई है।
कौन-कौन हैं इस मामले के आरोपी?
इस मामले में मुख्य आरोपी MLC अक्षय प्रताप सिंह (गोपाल जी) हैं, जो राजा भैया के चचेरे भाई और जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से जुड़े हैं। उनके अलावा अन्य आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- रोहित कुमार सिंह
- अनिल कुमार (जमो, अमेठी के प्रधान)
- राम देव यादव
- कुछ अन्य अज्ञात व्यक्ति
हजरतगंज पुलिस के इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
MLC अक्षय प्रताप सिंह ने आरोपों पर क्या कहा?
MLC अक्षय प्रताप सिंह ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है। उनका कहना है कि यह मामला एकतरफा है और कानूनी रूप से टिकने योग्य नहीं है। उन्होंने दावा किया कि फर्म में दो डायरेक्टर थे और दोनों की सहमति और हस्ताक्षर के बिना कोई भी बदलाव संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि सभी प्रक्रियाएं कानूनी तरीके से पूरी की गई थीं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
यह FIR किस आधार पर और कब दर्ज की गई?
यह FIR 14 मई 2026 को भानवी कुमारी सिंह की शिकायत और MP-MLA कोर्ट के आदेश के बाद लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज की गई।
विवाद किस कंपनी को लेकर है और कितनी संपत्ति का मामला है?
विवाद ‘M/s Sarang Enterprises’ नाम की पार्टनरशिप फर्म को लेकर है, जिसकी कुल संपत्ति 5 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।