Lucknow को तोहफ़ा, राजाजीपुरम और अमौसी समेत 12 नए रूट्स पर दौड़ेगी मेट्रो, जाम से मिलेगी राहत
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शहर में ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए मेट्रो के फेज-2 की तैयारी तेज हो गई है। अब राजाजीपुरम, अमौसी और अमीनाबाद जैसे इलाकों को चारबाग से जोड़ने के लिए 12 नए रूट्स पर
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। शहर में ट्रैफिक की समस्या को खत्म करने के लिए मेट्रो के फेज-2 की तैयारी तेज हो गई है। अब राजाजीपुरम, अमौसी और अमीनाबाद जैसे इलाकों को चारबाग से जोड़ने के लिए 12 नए रूट्स पर मेट्रो चलाने की योजना है। इस विस्तार से शहर की करीब 35 से 40 लाख की आबादी को सीधा फायदा होगा।
उत्तर प्रदेश सरकार ने लखनऊ मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-2 को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और मुख्यमंत्री खुद इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फेज-2 का काम शुरू हो चुका है और टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जुलाई से निर्माण कार्य शुरू करने की योजना है। ड्राफ्ट कॉम्प्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान-2025 के तहत इन कॉरिडोर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह 2040-50 तक शहर के विकास में मदद करेंगे।
मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की पूरी जानकारी नीचे दी गई तालिका में है:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल प्रस्तावित रूट्स | 12 नए कॉरिडोर |
| कुल नेटवर्क लंबाई | लगभग 170 किलोमीटर |
| एलिवेटेड और अंडरग्राउंड | 150 किमी एलिवेटेड, 20 किमी अंडरग्राउंड |
| अनुमानित लागत | लगभग 30,000 करोड़ रुपये |
| समय-सीमा | पूरा होने में लगभग 10 वर्ष लगेंगे |
| मुख्य रूट 1 | IIM से राजाजीपुरम (17.16 किमी) |
| मुख्य रूट 2 | चारबाग से SGPGI (8.855 किमी) |
प्रस्तावित विस्तार में पीजीआई, मोहनलालगंज, गोसाईंगंज, बंथरा, काकोरी, दुबग्गा, मलिहाबाद, रहीमाबाद, कमता, चिनहट, मटियारी, बीबीडी, तिवारीगंज, सफेदाबाद, मड़ियांव, केशवनगर, IIM, बृज की रसोई, बख्शी का तालाब, इटौंजा और जानकीपुरम जैसे इलाके शामिल हैं। इसके अलावा, चारबाग से वसंत कुंज तक 11.165 किमी लंबे ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज 1बी) के निर्माण को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है, जिसके 2029 तक पूरा होने की उम्मीद है।
UPMRC, नगर निगम और LDA अब इन रूट्स की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने में जुटे हैं। इसके साथ ही सरकार लखनऊ से कानपुर तक रैपिड रेल चलाने की योजना पर भी विचार कर रही है। अगर यह पूरा प्रोजेक्ट समय पर पूरा होता है, तो लखनऊ का मेट्रो नेटवर्क कुल 79.976 किलोमीटर को कवर करेगा।