Lucknow मेट्रो विस्तार की तैयारी तेज, मेडिकल चौराहा स्टेशन के लिए चाहिए सबसे ज्यादा जमीन

Lucknow: राजधानी लखनऊ में मेट्रो के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अब रफ्तार पकड़ चुका है। फेज-1बी (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) के तहत अलग-अलग स्टेशनों को बनाने के लिए कुल 14,610 वर्गमीटर नजूल भूमि तय की गई है। इस पूरी योजन

Lucknow: राजधानी लखनऊ में मेट्रो के विस्तार के लिए जमीन अधिग्रहण का काम अब रफ्तार पकड़ चुका है। फेज-1बी (ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर) के तहत अलग-अलग स्टेशनों को बनाने के लिए कुल 14,610 वर्गमीटर नजूल भूमि तय की गई है। इस पूरी योजना में मेडिकल चौराहा स्टेशन के लिए सबसे अधिक जमीन की जरूरत होगी।

यह नया कॉरिडोर चारबाग से वसंत कुंज तक बनेगा, जिसकी कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर होगी। इस प्रोजेक्ट में 7 स्टेशन जमीन के नीचे (Underground) और 5 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। इस पूरे काम पर करीब 5,801.05 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है और केंद्र व राज्य सरकार इसका खर्च आधा-आधा (50:50) वहन करेंगे।

प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। हाल ही में सिविल काम के लिए रणजीत बिल्डकॉन लिमिटेड को सबसे कम बोली लगाने वाला (L1) चुना गया है, जिसका कॉन्ट्रैक्ट करीब 383.98 करोड़ रुपये का है। यह काम जून 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

विवरण जानकारी
कुल जरूरत जमीन 14,610 वर्गमीटर (नजूल भूमि)
सबसे ज्यादा जमीन वाला स्टेशन मेडिकल चौराहा
रूट चारबाग से वसंत कुंज
कुल लंबाई 11.165 किलोमीटर
कुल स्टेशन 12 (7 अंडरग्राउंड, 5 एलिवेटेड)
अनुमानित लागत ₹5,801.05 करोड़
सिविल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू ₹383.98 करोड़

भविष्य की योजना के तहत लखनऊ मेट्रो का नेटवर्क और बड़ा किया जाएगा। इसमें 150 किलोमीटर नए ट्रैक और 10 नए कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव है, जिससे पीजीआई, बख्शी का तालाब, बाराबंकी, उन्नाव और मोहनलालगंज जैसे इलाके भी जुड़ेंगे। इस बड़े विस्तार पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। साथ ही स्टेशनों पर पार्किंग और ई-साइकिल जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।