Lucknow को तोहफ़ा, 150 KM लंबा होगा मेट्रो नेटवर्क, 10 नए कॉरिडोर से सफर में बचेंगे 2 घंटे
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए खुशखबरी है क्योंकि शहर के मेट्रो नेटवर्क को बहुत बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है। इस मेगा प्लान के तहत 150 किलोमीटर लंबे ट्रैक और 10 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे करीब 35 से 40 लाख लो
Lucknow: लखनऊ के लोगों के लिए खुशखबरी है क्योंकि शहर के मेट्रो नेटवर्क को बहुत बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है। इस मेगा प्लान के तहत 150 किलोमीटर लंबे ट्रैक और 10 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिससे करीब 35 से 40 लाख लोगों को फायदा होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि इस विस्तार के बाद आम लोगों के रोजाना के सफर में 2 घंटे तक की बचत होगी।
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने इस पूरे विस्तार के लिए सर्वे रिपोर्ट सरकार को भेज दी थी, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंजूरी दे दी है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य है कि 2047 तक इस पूरे नेटवर्क को तैयार कर लिया जाए, जबकि 2035 तक पूरे राज्य में 790 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
फिलहाल दूसरे चरण यानी फेज-1बी पर काम शुरू हो गया है। यह कॉरिडोर चारबाग से वसंत कुंज तक 11.165 किलोमीटर लंबा होगा। इस रूट पर कुल 12 स्टेशन बनेंगे, जिनमें 7 जमीन के नीचे (Underground) और 5 जमीन के ऊपर (Elevated) होंगे। इस खास फेज को पूरा करने में 5,801 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए 1,450 करोड़ रुपये दिए हैं और न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) से भी करीब 2,883.93 करोड़ रुपये का लोन मंजूर हो चुका है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल नेटवर्क लंबाई | 150 किलोमीटर |
| नए कॉरिडोर की संख्या | 10 |
| कुल अनुमानित लागत | ₹30,000 करोड़ |
| फेज-1बी रूट | चारबाग से वसंत कुंज (11.165 KM) |
| फेज-1बी स्टेशन | 12 (7 भूमिगत, 5 एलिवेटेड) |
| निर्माण शुरू होने की तिथि | जुलाई 2026 |
| लक्ष्य वर्ष | 2047 (पूरा प्रोजेक्ट) |
इस विस्तार से लखनऊ के साथ-साथ आसपास के इलाके भी मेट्रो से जुड़ जाएंगे। इसमें बाराबंकी, उन्नाव, इटौंजा, संडीला, मोहनलालगंज, PGI, गोसाईंगंज, बंथरा, राजाजीपुरम, काकोरी, दुबग्गा, चिनहट, मटियारी, जानकीपुरम और बख्शी का तालाब जैसे क्षेत्र शामिल हैं। UPMRC के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने बताया कि लोन मिलने से ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का काम तेजी से होगा और पुराने लखनऊ में यात्रा करना आसान हो जाएगा।
मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए पार्किंग के साथ-साथ ई-साइकिल और ई-बाइक जैसी सेवाएं भी दी जाएंगी, ताकि लोग अपने घर से स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकें। फेज-1बी के पांच एलिवेटेड स्टेशनों के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और जुलाई 2026 से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।