UP : लखनऊ के चारबाग मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी गेट नंबर-4 पर इकट्ठा हुए और अपनी वेतन संबंधी मांगों को लेकर नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि
UP : लखनऊ के चारबाग मेट्रो स्टेशन पर शनिवार को हाउसकीपिंग कर्मचारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारी गेट नंबर-4 पर इकट्ठा हुए और अपनी वेतन संबंधी मांगों को लेकर नाराजगी जाहिर की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम का बहिष्कार कर सकते हैं।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने मानदेय में वृद्धि, बोनस मिलने और आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग की है। इसके अलावा, कर्मचारियों ने वेतन में होने वाली कटौती पर भी गहरा रोष जताया है। उनका कहना है कि ठेकेदारों और प्रशासन के बीच समन्वय की कमी के कारण उन्हें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार के नियम और आउटसोर्सिंग पॉलिसी क्या कहती है?
उत्तर प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2025 से ESMA के तहत राज्य में किसी भी तरह की हड़ताल पर छह महीने का प्रतिबंध लगाया है। वहीं, आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सितंबर 2025 में UPOSC का गठन किया गया था ताकि वेतन सीधे बैंक खातों में आए और कमीशनखोरी रुके। मार्च 2026 में कैबिनेट ने न्यूनतम वेतन स्लैब को 16,000 से 20,000 रुपये के बीच करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जो अप्रैल 2026 से प्रभावी होने थे।
हालिया घटनाक्रम और प्रशासन का रुख
1 मई 2026 को लखनऊ नगर निगम ने अपने आउटसोर्स कर्मचारियों का मानदेय 388 रुपये से बढ़ाकर 422.85 रुपये किया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले भी नोएडा के प्रदर्शनों के दौरान कहा था कि सरकार श्रमिकों के साथ खड़ी है और मुद्दों को सुलझाने के लिए उच्च-स्तरीय समिति बनाई गई है। फिलहाल, चारबाग मेट्रो स्टेशन के इस प्रदर्शन पर UPMRC या संबंधित ठेकेदारों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेट्रो कर्मचारी किस बात को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं?
कर्मचारी मानदेय वृद्धि, बोनस, आकस्मिक अवकाश और वेतन कटौती जैसी समस्याओं को लेकर चारबाग मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर-4 पर प्रदर्शन कर रहे हैं।
क्या यूपी में अभी हड़ताल करना कानूनी है?
नहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने दिसंबर 2025 से छह महीने के लिए आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) के तहत सभी सरकारी कार्यालयों और निगमों में हड़ताल पर पूरी तरह रोक लगा रखी है।