Lucknow मेट्रो का होगा बड़ा विस्तार, 10 नए कॉरिडोर से जुड़ेंगे बाराबंकी और उन्नाव; 40 लाख लोगों को मिलेगी सुविधा

UP/Lucknow: लखनऊ शहर की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो का अब बहुत बड़ा विस्तार होने जा रहा है। योगी सरकार ने शहर के चप्पे-चप्पे को मेट्रो से जोड़ने के लिए मंजूरी दे दी है, जिससे करीब 40 लाख लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। इस

UP/Lucknow: लखनऊ शहर की लाइफलाइन बन चुकी मेट्रो का अब बहुत बड़ा विस्तार होने जा रहा है। योगी सरकार ने शहर के चप्पे-चप्पे को मेट्रो से जोड़ने के लिए मंजूरी दे दी है, जिससे करीब 40 लाख लोगों को आने-जाने में आसानी होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत 150 किलोमीटर नया ट्रैक बिछाया जाएगा और 10 नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (UPMRC) ने इस विस्तार के लिए सर्वे रिपोर्ट तैयार की है, जिसे सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इस योजना का लक्ष्य लखनऊ शहर की सीमाओं से बाहर निकलकर आसपास के इलाकों जैसे बाराबंकी, संडीला, उन्नाव, इटौंजा और मोहनलालगंज तक कनेक्टिविटी पहुंचाना है। यह पूरा प्रोजेक्ट ‘विकसित भारत 2047’ के विजन का हिस्सा है और इसे पूरा होने में लगभग 10 साल का समय लगेगा। इस पर करीब 30,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

मेट्रो के दूसरे चरण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और निर्माण कार्य जुलाई 2026 से शुरू होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री खुद मुख्य सचिव के जरिए इस काम की निगरानी कर रहे हैं। सर्वे में पाया गया कि अयोध्या रोड और चारबाग से पीजीआई वाला रूट सबसे ज्यादा व्यस्त रहता है, इसलिए इन्हें शुरुआती तौर पर प्राथमिकता दी जा सकती है।

प्रस्तावित नए रूटों और उनकी लंबाई की जानकारी नीचे दी गई है:

प्रस्तावित कॉरिडोर अनुमानित लंबाई (किमी)
कल्ली पश्चिम से आईआईएम 45
सीजी सिटी से एयरपोर्ट 19.8
राजाजीपुरम से आईआईएम 18.42
अनोरा कला से बाराबंकी 14
चारबाग से कल्ली पश्चिम 13
सीसीएस एयरपोर्ट से बंथरा 11
अनोरा कला से इंदिरा नगर 9.27
इंदिरा नगर से सीजी सिटी 7.7
मुंशीपुलिया से जानकीपुरम 6.29
कीपैड पश्चिम से मोहनलालगंज 6

आम जनता की सुविधा के लिए डीपीआर में हर स्टेशन पर पार्किंग की अच्छी व्यवस्था का प्रस्ताव है। इसके अलावा, स्टेशन से घर या ऑफिस तक पहुंचने के लिए ई-साइकिल और ई-बाइक जैसे इलेक्ट्रिक वाहन भी उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि लोगों को आखिरी छोर तक कनेक्टिविटी मिल सके।