UP : लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 18 मई 2026 को लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए प्रोजेक्ट से पुराने और नए लखनऊ के बीच की दूरी कम होगी और अ
UP : लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 18 मई 2026 को लखनऊ मेट्रो के ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (फेज-1बी) को अपनी मंजूरी दे दी है। इस नए प्रोजेक्ट से पुराने और नए लखनऊ के बीच की दूरी कम होगी और अमीनाबाद, चौक और KGMU जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में रहने वालों को ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
नया मेट्रो रूट और स्टेशन की जानकारी
यह नया कॉरिडोर चारबाग से शुरू होकर वसंत कुंज तक जाएगा और इसकी कुल लंबाई लगभग 11.16 किलोमीटर होगी। इसमें कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 7 स्टेशन जमीन के नीचे (underground) होंगे और 5 एलिवेटेड होंगे। चारबाग स्टेशन एक इंटरचेंज की तरह काम करेगा, जिससे लोग पुराने नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर से आसानी से नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर जा सकेंगे।
| प्रमुख स्टेशन |
प्रकार |
| चारबाग, गौतम बुद्ध मार्ग, अमीनाबाद, पांडेयगंज, सिटी रेलवे स्टेशन, KGMU, नवाजुद्दीन हैदर रोड |
भूमिगत (Underground) |
| ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग, वसंत कुंज |
एलिवेटेड (Elevated) |
प्रोजेक्ट की लागत और समय सीमा
इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 5801.05 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसे पूरा करने के लिए करीब पांच साल का समय तय किया गया है। फंड की व्यवस्था के लिए न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) कुल लागत का 50% यानी 2883.93 करोड़ रुपये ऋण के रूप में देगा। बाकी की राशि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार मिलकर बराबर-बराबर वहन करेंगी।
आम जनता को क्या फायदा होगा
पुराने लखनऊ के चौक, अमीनाबाद और मेडिकल कॉलेज जैसे इलाकों में हमेशा ट्रैफिक की समस्या रहती है। इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से इन इलाकों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और लोगों का सफर आसान हो जाएगा। प्रोजेक्ट के तहत सिर्फ मेट्रो ट्रैक ही नहीं, बल्कि जमीन अधिग्रहण, बिजली की व्यवस्था और जल निकासी जैसे बुनियादी कामों पर भी ध्यान दिया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ मेट्रो के नए ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का रूट क्या है?
यह रूट चारबाग से शुरू होकर वसंत कुंज तक जाएगा। इसमें अमीनाबाद, चौक, KGMU, ठाकुरगंज और बालागंज जैसे प्रमुख इलाके शामिल हैं।
इस नए प्रोजेक्ट को पूरा होने में कितना समय लगेगा?
इस परियोजना की अनुमानित लागत 5801.05 करोड़ रुपये है और इसे लगभग पांच साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।