UP: लखनऊ के लोगों के लिए शहर में सफर करना अब और आसान होगा। मेट्रो स्टेशनों और सिटी ट्रांसपोर्ट के बीच तालमेल बिठाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि
UP: लखनऊ के लोगों के लिए शहर में सफर करना अब और आसान होगा। मेट्रो स्टेशनों और सिटी ट्रांसपोर्ट के बीच तालमेल बिठाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि लोगों को घर से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए कई नई सुविधाएं शुरू की जाएंगी।
मेट्रो स्टेशनों पर पार्किंग और फीडर बसों का क्या होगा इंतजाम
प्रशासन ने तय किया है कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास पार्किंग की बेहतर व्यवस्था होगी। नगर निगम को 15 जून, 2026 तक पार्किंग स्थलों की निविदा प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही, प्रमुख लोड पॉइंट्स और ऑफिस समय के हिसाब से चयनित जगहों से मेट्रो स्टेशनों तक शटल और फीडर बसें चलाई जाएंगी। ई-बस के रूटों को भी फिर से तय किया जाएगा ताकि यात्री आसानी से मेट्रो तक पहुंच सकें।
लास्ट माइल कनेक्टिविटी और डिजिटल सेवाओं में क्या बदलाव आएंगे
अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुधारने के लिए लखनऊ में 29 नए ऑटो और टेम्पो सर्कुलर रूट बनाए जाएंगे, जहाँ नए स्टॉपेज भी होंगे। यात्रियों की सुविधा के लिए UPMRC अब UTU मोबिलिटी ऐप के साथ-साथ Ola, Uber और Rapido के साथ भी समन्वय बढ़ा रहा है। इसके अलावा, सड़कों पर ट्रैफिक कम करने के लिए Flipkart, Blinkit और Amazon जैसी कंपनियों को सामान ढोने के लिए मेट्रो का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
भविष्य की योजनाएं और सरकारी निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट सहयोगियों से हफ्ते में एक बार सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने को कहा है ताकि ईंधन की खपत कम हो। भविष्य की बात करें तो चारबाग से बसंत कुंज तक बनने वाले ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर की DPR को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है, जिसके लिए केंद्र की अनुमति का इंतजार है। यह प्रोजेक्ट 2030 तक पूरा होने का लक्ष्य है। साथ ही, पुराने लखनऊ को जोड़ने वाले फेज-IB के लिए केंद्र सरकार ने 5,801 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ मेट्रो के लिए पार्किंग की व्यवस्था कब तक होगी?
नगर निगम को 15 जून, 2026 तक पार्किंग स्थलों की निविदा प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है, जिसके बाद नए पार्किंग स्थल विकसित किए जाएंगे।
मेट्रो की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए कौन सी डिजिटल सेवाएं जुड़ेंगी?
UPMRC अब UTU मोबिलिटी ऐप के अलावा Ola, Uber और Rapido जैसी सेवाओं के साथ समन्वय बढ़ा रहा है ताकि यात्री घर से स्टेशन तक आसानी से पहुंच सकें।