UP : लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। चारबाग से वसंत कुंज तक मेट्रो रेल चलाने के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने त्रिपक्षीय एमओयू (MoU) को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस
UP : लखनऊ के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। चारबाग से वसंत कुंज तक मेट्रो रेल चलाने के लिए उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने त्रिपक्षीय एमओयू (MoU) को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस फैसले पर मुहर लगी। इस प्रोजेक्ट से शहर की यातायात व्यवस्था सुधरेगी और लोगों का सफर आसान होगा।
मेट्रो प्रोजेक्ट की मुख्य बातें क्या हैं?
यह प्रोजेक्ट लखनऊ मेट्रो का फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर है। इसकी कुल लंबाई लगभग 11.16 किलोमीटर होगी। इसमें कुल 12 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें से 7 स्टेशन जमीन के नीचे (Underground) और 5 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। इस रूट से KGMU, बलरामपुर अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर जैसे बड़े अस्पतालों तक पहुंचना बहुत आसान हो जाएगा।
कितना खर्च आएगा और कौन देगा पैसा?
वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस पूरी परियोजना की लागत 5801.05 करोड़ रुपये है। इस खर्च को केंद्र सरकार और राज्य सरकार आधा-आधा यानी 50-50 प्रतिशत की भागीदारी से वहन करेंगे। इस प्रोजेक्ट को लागू करने के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPMRC) के बीच समझौता किया जाएगा।
प्रोजेक्ट की अब तक की प्रोग्रेस क्या है?
| विवरण |
तारीख/जानकारी |
| DPR की मंजूरी |
5 मार्च, 2024 |
| केंद्र सरकार की स्वीकृति |
3 सितंबर, 2025 |
| कुल लागत |
₹5801.05 करोड़ |
| कुल स्टेशन |
12 स्टेशन |
| कुल लंबाई |
11.16 किलोमीटर |
Frequently Asked Questions (FAQs)
चारबाग से वसंत कुंज मेट्रो कॉरिडोर में कितने स्टेशन होंगे?
इस कॉरिडोर में कुल 12 स्टेशन होंगे, जिनमें 7 स्टेशन अंडरग्राउंड और 5 स्टेशन एलिवेटेड बनाए जाएंगे।
इस मेट्रो प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस परियोजना की कुल लागत 5801.05 करोड़ रुपये है, जिसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी में वहन करेंगी।