UP : लखनऊ के समेसी और नगराम इलाके में बुधवार, 13 मई 2026 को किसानों के लिए एक खास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBFGR) ने ‘मेरा गा
UP : लखनऊ के समेसी और नगराम इलाके में बुधवार, 13 मई 2026 को किसानों के लिए एक खास जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो (NBFGR) ने ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ अभियान के तहत यह पहल की। इसका मकसद गांव के लोगों को खेती के आधुनिक और प्राकृतिक तरीकों के बारे में बताना था।
क्या है ‘मेरा गांव मेरा गौरव’ कार्यक्रम और इसका लक्ष्य
इस अभियान की शुरुआत 25 जुलाई 2015 को पटना, बिहार से हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि वैज्ञानिकों को सीधे गांवों से जोड़ना है ताकि प्रयोगशाला में होने वाली रिसर्च का फायदा सीधे खेतों तक पहुंच सके। इस पहल के तहत संस्थान गांवों को गोद लेते हैं और किसानों को उन्नत खेती की जानकारी देकर उन्हें शिक्षित करते हैं।
जैविक खेती और मिट्टी की सेहत पर क्यों दिया गया जोर
कार्यक्रम के दौरान किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती के फायदों के बारे में बताया गया। विशेषज्ञों ने मृदा परीक्षण (Soil Testing) के आधार पर खाद के सही इस्तेमाल और पोषक तत्वों के प्रबंधन पर जोर दिया। इसका लक्ष्य रासायनिक खाद, खासकर नाइट्रोजन के ज्यादा इस्तेमाल को कम करना है। साथ ही फसल विविधीकरण, कम्पोस्टिंग और जैविक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की सलाह दी गई।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेरा गांव मेरा गौरव कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इस कार्यक्रम का लक्ष्य कृषि वैज्ञानिकों को गांवों से जोड़ना और ‘Lab to Land’ प्रक्रिया को तेज करना है, ताकि किसानों को आधुनिक खेती और नई तकनीकों की जानकारी मिल सके।
लखनऊ के कार्यक्रम में किसानों को किन बातों के प्रति जागरूक किया गया?
किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, संतुलित उर्वरक उपयोग और फसल विविधीकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई।