UP: लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने फ्रीज कर दिया है। यह फैसला सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलाने में हो रही देरी की वजह से लिया गया। कोर्ट के इस आद
UP: लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने फ्रीज कर दिया है। यह फैसला सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलाने में हो रही देरी की वजह से लिया गया। कोर्ट के इस आदेश के बाद शुक्रवार को मेयर नगर निगम मुख्यालय नहीं पहुंचीं, हालांकि ऑफिस का कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा।
मेयर के अधिकार क्यों किए गए फ्रीज?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गुरुवार, 21 मई, 2026 को यह सख्त आदेश दिया। मामला वार्ड संख्या-73, फैजुल्लागंज से निर्वाचित सपा पार्षद ललित किशोर तिवारी से जुड़ा है। चुनाव न्यायाधिकरण ने उन्हें 19 दिसंबर, 2025 को ही निर्वाचित घोषित कर दिया था, लेकिन उन्हें शपथ दिलाने में लगातार देरी हो रही थी। कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई जाती, तब तक मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार निलंबित रहेंगे।
अब नगर निगम का काम कौन संभालेगा?
कोर्ट ने आदेश दिया है कि नगर निगम का कामकाज रुकना नहीं चाहिए। मेयर की अनुपस्थिति को आकस्मिक माना जाएगा और उनके प्रशासनिक व वित्तीय अनुमोदन से जुड़ी सभी जिम्मेदारियां अब जिला मजिस्ट्रेट (DM) और नगर आयुक्त संभालेंगे। इससे शहर के विकास कार्यों और सरकारी फाइलों के निपटारे में कोई रुकावट नहीं आएगी। इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 29 मई, 2026 को होगी।
मेयर की सेहत और कोर्ट के आदेश पर प्रतिक्रिया
रिपोर्ट्स के मुताबिक, मेयर सुषमा खर्कवाल को गुरुवार सुबह तेज गर्मी लगने के कारण कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने बताया कि वह 19 मई से अस्वस्थ हैं, इसलिए उन्हें कोर्ट के आदेश की जानकारी नहीं थी। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह अदालत के आदेश का पूरी तरह पालन करेंगी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में निवर्तमान पार्षद प्रदीप कुमार शुक्ला की याचिका को खारिज कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेयर के अधिकार कब तक निलंबित रहेंगे?
इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेशानुसार, मेयर के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तब तक निलंबित रहेंगे जब तक कि वार्ड 73 के निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिला दी जाती।
मेयर की अनुपस्थिति में नगर निगम का काम कैसे चलेगा?
नगर निगम का कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा। अब सभी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां जिला मजिस्ट्रेट (DM) और नगर आयुक्त द्वारा दी जाएंगी।