UP: लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनके सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। कोर्ट ने यह कड़ा कदम अपने आदेश का पालन न होने की वजह से उठाया
UP: लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनके सभी वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को सीज कर दिया है। कोर्ट ने यह कड़ा कदम अपने आदेश का पालन न होने की वजह से उठाया है। अब मेयर नगर निगम के किसी भी वित्तीय प्रस्ताव या प्रशासनिक फैसले पर साइन नहीं कर पाएंगी।
मेयर के अधिकार क्यों छीने गए
यह पूरा मामला वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज के पार्षद ललित किशोर तिवारी से जुड़ा है। चुनाव न्यायाधिकरण ने 19 दिसंबर 2025 को ललित किशोर तिवारी को पार्षद घोषित किया था, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। जस्टिस आलोक माथुर और जस्टिस कमर हसन रिजवी की बेंच ने साफ कहा कि जब तक ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई जाती, मेयर के अधिकार सीज रहेंगे। कोर्ट ने आदेश की अवहेलना को किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया।
अब नगर निगम का काम कौन संभालेगा
नगर निगम अधिनियम की धारा 77 के तहत यह आदेश अगले दिन से ही लागू हो गया है। अब लखनऊ नगर निगम के विकास कार्यों की मंजूरी, बजट से जुड़े फैसले और विभागीय कंट्रोल जैसे जरूरी काम रुक सकते हैं। अगर मेयर शपथ नहीं दिला पाती हैं, तो उनके ये सारे कार्य जिलाधिकारी (DM) या नगर आयुक्त संभालेंगे।
क्या है ताजा अपडेट
इस आदेश से पहले मेयर सुषमा खर्कवाल को कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था क्योंकि बड़े मंगल के भंडारों में जाने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी। याचिकाकर्ता ललित किशोर तिवारी की तरफ से वरिष्ठ वकील गौरव मेहरोत्रा, नदीम मुर्तजा और उत्सव मिश्रा ने पक्ष रखा। मेयर को हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों जगह से राहत नहीं मिली, फिर भी शपथ दिलाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेयर के अधिकार सीज होने से लखनऊ नगर निगम पर क्या असर पड़ेगा?
मेयर के अधिकार सीज होने से विकास कार्यों की मंजूरी, वित्तीय प्रस्तावों पर निर्णय और प्रशासनिक निर्देशों जैसे महत्वपूर्ण काम प्रभावित होंगे। अब ये जिम्मेदारियां DM या नगर आयुक्त संभाल सकते हैं।
हाई कोर्ट ने यह आदेश क्यों दिया?
कोर्ट ने यह आदेश वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज के निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को पांच महीने बाद भी शपथ न दिलाए जाने के कारण दिया है।