UP : लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है। यह आदेश एक पार्षद को समय पर शप
UP : लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक बड़ा फैसला सुनाते हुए उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिया है। यह आदेश एक पार्षद को समय पर शपथ न दिलाने की वजह से आया है, जिससे अब नगर निगम के कामकाज की कमान जिलाधिकारी के हाथों में होगी।
क्यों लिया गया यह सख्त फैसला?
यह पूरा मामला वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज से निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी से जुड़ा है। सत्र न्यायालय ने 19 दिसंबर 2025 को उन्हें पार्षद घोषित किया था, लेकिन पांच महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। हाईकोर्ट ने 13 मई 2026 को एक हफ्ते का समय दिया था, लेकिन जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो कोर्ट ने महापौर के अधिकारों को निलंबित कर दिया।
अब नगर निगम का काम कौन संभालेगा?
कोर्ट ने साफ कहा है कि जब तक ललित किशोर तिवारी को शपथ नहीं दिलाई जाती, महापौर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार फ्रीज रहेंगे। इस दौरान लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) या नगर आयुक्त महापौर के कार्यों की देखरेख करेंगे। महापौर पक्ष ने राहत के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन उन्हें कहीं से मदद नहीं मिली।
आम जनता और प्रशासन पर क्या होगा असर?
इस फैसले के बाद नगर निगम के दफ्तरों में हड़कंप मच गया है। अब शहर के विकास कार्यों से जुड़ी वित्तीय मंजूरियां और प्रशासनिक फाइलें जिलाधिकारी के माध्यम से आगे बढ़ेंगी। कोर्ट ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अवहेलना और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना है, जिससे शहर के कई जरूरी प्रोजेक्ट्स की रफ्तार प्रभावित हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महापौर के अधिकार क्यों फ्रीज किए गए?
वार्ड संख्या-73 फैजुल्लागंज के निर्वाचित पार्षद ललित किशोर तिवारी को दिसंबर 2025 में जीतने के बावजूद पांच महीने तक शपथ नहीं दिलाई गई, जिसे कोर्ट ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन माना।
अब लखनऊ नगर निगम का कामकाज कौन देखेगा?
कोर्ट के आदेश के अनुसार, महापौर के अधिकार तब तक निलंबित रहेंगे जब तक पार्षद को शपथ नहीं मिल जाती। इस बीच जिलाधिकारी (DM) या नगर आयुक्त प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को संभालेंगे।