Lucknow Mayor Sushma Kharkwal ने BJP नेतृत्व को सौंपा पार्षदों के समर्थन का पत्र, अंदरूनी विवाद के बीच बढ़ी हलचल

Lucknow : लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपनी पार्टी के संगठन और मंत्रियों को पार्षदों के समर्थन वाला एक पत्र सौंपा है। यह कदम पार्टी के भीतर चल रहे विवाद और पार्षदों की नाराजगी के बीच उठाया गया है। इस पत्र में उन पार्षदो

Lucknow : लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने अपनी पार्टी के संगठन और मंत्रियों को पार्षदों के समर्थन वाला एक पत्र सौंपा है। यह कदम पार्टी के भीतर चल रहे विवाद और पार्षदों की नाराजगी के बीच उठाया गया है। इस पत्र में उन पार्षदों के हस्ताक्षर हैं जिन्होंने मेयर के कैंप कार्यालय पर पहुंचकर अपना समर्थन जताया था।

दरअसल, लखनऊ नगर निगम में पिछले कुछ समय से अंदरूनी कलह चल रही है। 29 जुलाई 2026 को करीब 36 BJP पार्षदों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मेयर पर भेदभाव का आरोप लगाया था। पार्षदों का कहना था कि विकास कार्यों के लिए फंड केवल पसंदीदा पार्षदों के क्षेत्रों में दिया जा रहा है और बाकी इलाकों की अनदेखी हो रही है। नाराज पार्षदों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे पार्टी से इस्तीफा दे सकते हैं, जिससे आने वाले विधानसभा चुनाव में नुकसान हो सकता है।

इससे पहले 24-25 जुलाई को भी 32 पार्षदों ने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की थी। तब प्रदेश अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया था कि भविष्य में किसी भी वार्ड के साथ भेदभाव नहीं होगा और फंड का बंटवारा बराबरी से किया जाएगा। वहीं, पार्टी के भीतर उपाध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी खींचतान रही है। 5 जुलाई को मेयर ने इसे एक छोटा काम बताया था, जबकि शहर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी ने कहा था कि नेताओं की व्यस्तता के कारण इस पर कोई चर्चा नहीं हो पाई।

मेयर के लिए मुश्किलें कानूनी मोर्चे पर भी रही हैं। मई 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने उनके वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार निलंबित कर दिए थे। यह कार्रवाई समाजवादी पार्टी के पार्षद ललित किशोर तिवारी को समय पर शपथ न दिलाने के कारण हुई थी। कोर्ट ने तब तक की जिम्मेदारी जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को सौंप दी थी जब तक तिवारी को शपथ नहीं दिलाई गई।