UP : लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने रविवार, 24 मई 2026 को समाजवादी पार्टी के पार्षद ललित किशोर तिवारी को उनके पद की शपथ दिलाई। यह कदम इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस कड़े फैसले के बाद उठाया गया, जिसमें मेयर की प्रशासनिक और वित्ती
UP : लखनऊ की मेयर सुषमा खर्कवाल ने रविवार, 24 मई 2026 को समाजवादी पार्टी के पार्षद ललित किशोर तिवारी को उनके पद की शपथ दिलाई। यह कदम इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस कड़े फैसले के बाद उठाया गया, जिसमें मेयर की प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां निलंबित कर दी गई थीं। दरअसल, कोर्ट ने शपथ दिलाने में पांच महीने की देरी पर नाराजगी जताई थी।
हाईकोर्ट ने मेयर के अधिकार क्यों छीने थे?
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) के जस्टिस सैयद कमर हसन रिज़वी और जस्टिस आलोक मथुर की बेंच ने 22 मई 2026 को यह आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि चुनाव ट्रिब्यूनल ने 19 दिसंबर 2025 को ही ललित किशोर तिवारी को वार्ड नंबर 73 (फैजुल्लागंज) का निर्वाचित पार्षद घोषित कर दिया था, लेकिन मेयर ने पांच महीने तक उन्हें शपथ नहीं दिलाई। कोर्ट ने साफ किया कि यह कार्रवाई सजा नहीं थी, बल्कि आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए थी।
शपथ दिलाने में देरी की क्या थी वजह?
मेयर सुषमा खर्कवाल ने शुरुआत में कहा था कि चुनाव ट्रिब्यूनल के आदेश के खिलाफ अपील लंबित है, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया क्योंकि कोई स्टे नहीं था। बाद में उन्होंने बताया कि वह बीमारी के कारण मिलिट्री अस्पताल में भर्ती थीं। शनिवार शाम 23 मई को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उन्होंने तुरंत रविवार सुबह शपथ समारोह की तैयारी करवाई और ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलाई।
अब आगे क्या होगा और शहर पर क्या असर पड़ेगा?
शपथ दिलाने के बाद अब उम्मीद है कि मेयर की शक्तियां वापस मिल जाएंगी। जब तक शक्तियां निलंबित थीं, तब तक लखनऊ नगर निगम के प्रशासनिक और वित्तीय काम जिला मजिस्ट्रेट (DM) और नगर आयुक्त गौरव कुमार संभाल रहे थे। इस मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को तय की गई है, जहाँ नगर निगम द्वारा दाखिल हलफनामे पर विचार किया जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ललित किशोर तिवारी कौन हैं और उन्हें शपथ क्यों मिलनी थी?
ललित किशोर तिवारी समाजवादी पार्टी के पार्षद हैं, जिन्हें चुनाव ट्रिब्यूनल ने 19 दिसंबर 2025 को वार्ड नंबर 73 (फैजुल्लागंज) से निर्वाचित घोषित किया था।
हाईकोर्ट ने मेयर के अधिकार कितने समय के लिए छीने थे?
कोर्ट ने 22 मई 2026 को प्रशासनिक और वित्तीय शक्तियां निलंबित की थीं, क्योंकि मेयर ने पांच महीने तक पार्षद को शपथ नहीं दिलाई थी।