UP : लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यह सख्त कदम पार्षद ललित किशोर तिवारी को पांच महीने से ज्यादा समय तक शपथ न दिलाने की वजह से उठाया गया है। अब
UP : लखनऊ नगर निगम की मेयर सुषमा खर्कवाल के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकारों पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। यह सख्त कदम पार्षद ललित किशोर तिवारी को पांच महीने से ज्यादा समय तक शपथ न दिलाने की वजह से उठाया गया है। अब नगर निगम के कामकाज को चलाने के लिए जिलाधिकारी और नगर आयुक्त कमान संभालेंगे।
हाईकोर्ट ने मेयर के अधिकार क्यों सीज किए?
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने 21 मई 2026 को यह आदेश दिया था। कोर्ट ने पाया कि फैजुल्लागंज वार्ड संख्या 73 से जीते पार्षद ललित किशोर तिवारी को लंबे समय तक शपथ नहीं दिलाई गई। न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की पीठ ने कहा कि संवैधानिक अदालतें आदेशों की अनदेखी पर चुप नहीं रह सकतीं। कोर्ट ने साफ किया कि यह कोई सजा नहीं, बल्कि नियमों का पालन कराने के लिए लिया गया कदम है।
अब आगे क्या होगा और कौन संभालेगा कामकाज?
मेयर सुषमा खर्कवाल रविवार, 24 मई 2026 को सुबह 9 बजे नगर निगम मुख्यालय में ललित किशोर तिवारी को शपथ दिलाएंगी। इसके बाद नगर निगम की तरफ से कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया जाएगा। जब तक मामला सुलझता है, तब तक नगर निगम के सभी प्रशासनिक और वित्तीय फैसले जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त लेंगे। मामले की अगली सुनवाई 29 मई 2026 को तय की गई है।
नगर निगम की तैयारी और वर्तमान स्थिति
हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगर निगम ने इस मामले में कानूनी राय ली है। आदेश आने से पहले मेयर सुषमा खर्कवाल तबीयत खराब होने के कारण कमांड अस्पताल में भर्ती थीं। विपक्षी दलों ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र की जीत बताया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मेयर के अधिकार सीज होने के बाद नगर निगम का काम कौन देखेगा?
मेयर के वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार सीज होने के बाद अब लखनऊ के जिलाधिकारी (DM) और नगर आयुक्त निगम के सभी जरूरी कामकाज और वित्तीय फैसले संभालेंगे।
पार्षद ललित किशोर तिवारी को शपथ कब दिलाई जाएगी?
पार्षद ललित किशोर तिवारी को रविवार, 24 मई 2026 को सुबह 9 बजे नगर निगम मुख्यालय में महापौर सुषमा खर्कवाल द्वारा शपथ दिलाई जाएगी।