Lucknow में बहन ने भाई को डोनेट किया लिवर, हेपेटाइटिस बी से जूझ रहे युवक को मिला नया जीवन

Lucknow: लखनऊ के मैक्स अस्पताल में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक बहन ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपना लिवर डोनेट कर दिया। बाराबंकी के रहने वाले 36 साल के अबरार रिंकू अली हेपेटाइटिस बी की वजह से जिं

Lucknow: लखनऊ के मैक्स अस्पताल में एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक बहन ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपना लिवर डोनेट कर दिया। बाराबंकी के रहने वाले 36 साल के अबरार रिंकू अली हेपेटाइटिस बी की वजह से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। ऐसे मुश्किल समय में उनकी सगी बहन ने आगे बढ़कर अपने लिवर का 53 फीसदी हिस्सा दान किया, जिससे अबरार को नई जिंदगी मिली है।

डॉक्टरों ने इस लिवर प्रत्यारोपण को सफल बताया है। नियमों के मुताबिक लिवर दान के लिए दाता का करीबी रिश्तेदार होना जरूरी होता है, जिसमें माता-पिता, भाई-बहन या बच्चे शामिल हो सकते हैं। लिवर दान करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए और उसका शारीरिक व मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ होना अनिवार्य है।

मेडिकल गाइडलाइंस के अनुसार, जिन लोगों को डायबिटीज, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, हेपेटाइटिस बी या सी, एचआईवी/एड्स या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होती हैं, वे लिवर दान नहीं कर सकते। लिवर की यह खासियत होती है कि इसमें पुनर्जीवित होने की क्षमता होती है, इसलिए दान करने वाले व्यक्ति का लिवर ठीक होने के बाद फिर से सामान्य रूप से काम करने लगता है। यह पूरा फैसला पूरी तरह से स्वैच्छिक था।