Lucknow में बारिश के बीच गूंजी ‘या हुसैन’ की सदाएं, मौलाना कल्बे जवाद ने बताया कर्बला की प्यास का मंजर
Lucknow: राजधानी लखनऊ के चौक इलाके में शनिवार देर रात बारिश के बीच ग्यारह मुहर्रम की मजलिस आयोजित की गई। इमामबाड़ा गुफरानमआब में हुई इस मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुटे, जहां पूरा माहौल गम-ए-हुसैन में डूबा नजर आया
Lucknow: राजधानी लखनऊ के चौक इलाके में शनिवार देर रात बारिश के बीच ग्यारह मुहर्रम की मजलिस आयोजित की गई। इमामबाड़ा गुफरानमआब में हुई इस मजलिस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद जुटे, जहां पूरा माहौल गम-ए-हुसैन में डूबा नजर आया। इस दौरान मौलाना कल्बे जवाद ने कर्बला की जंग और शहीदों की याद में खिताब किया।
मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने मजलिस को संबोधित करते हुए हजरत इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने खास तौर पर कर्बला में प्यास के उस मंजर को बयां किया, जिससे सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो गए। मजलिस के दौरान दीन के सिद्धांतों और विलायत के महत्व पर भी चर्चा की गई।
यह मजलिस यौम-ए-आशूर के दूसरे दिन आयोजित हुई थी, जिसे यौम-ए-ज़ैनब के रूप में भी याद किया जाता है। बारिश के बावजूद मोमनीन-ए-लखनऊ अपनी अकीदत के साथ इमामबाड़ा पहुंचे और ‘या हुसैन’ के नारों के साथ मातम किया।
जानकारी के मुताबिक, मौलाना कल्बे जवाद 1 मुहर्रम से 9 मुहर्रम तक इमामबाड़ा गुफरानमआब में अशरा-ए-मजालिस को संबोधित कर रहे हैं। वहीं 10, 11, 12 और 13 मुहर्रम को शाम की मजलिसें होती हैं। इसके अलावा 11 और 12 मुहर्रम को सुबह 10:30 बजे भी सालाना मजलिसें आयोजित की जाती हैं।