Lucknow के मनकामेश्वर मंदिर में विवाद, भाजपा पार्षद और महंत दिव्या गिरी के समर्थकों के बीच हुई नारेबाजी
Lucknow: राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में मंगलवार दोपहर को माहौल गरमा गया. मंदिर परिसर में महंत दिव्या गिरी के समर्थक बड़ी संख्या में जमा हुए और नारेबाजी करने लगे. यह पूरा विवाद स्थानीय भाजपा पार्षद रणजीत सि
Lucknow: राजधानी लखनऊ के प्रसिद्ध मनकामेश्वर मंदिर में मंगलवार दोपहर को माहौल गरमा गया. मंदिर परिसर में महंत दिव्या गिरी के समर्थक बड़ी संख्या में जमा हुए और नारेबाजी करने लगे. यह पूरा विवाद स्थानीय भाजपा पार्षद रणजीत सिंह और मंदिर प्रशासन के बीच एक डिस्प्ले बोर्ड को लेकर शुरू हुआ है.
मामला मंदिर के गणेश द्वार पर लगे एक विद्युत डिस्प्ले बोर्ड से जुड़ा है. 4 अगस्त 2026 को पार्षद रणजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि मंदिर के प्रवेश द्वार पर लगी गणेश प्रतिमा और नामपट्टिका को डिस्प्ले बोर्ड से ढकने की कोशिश की गई. उन्होंने इसे गलत बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की और कहा कि इससे उनकी जान को खतरा है. इसके बाद दोनों बोर्ड हटा दिए गए थे.
दूसरी तरफ, 10 अगस्त को यह बात सामने आई कि नगर निगम ने सावन के महीने में मंदिर को आकर्षक बनाने के लिए यह डिस्प्ले लगाया था, जिसे बाद में नगर निगम के विद्युत विभाग ने ही हटा दिया. इस कार्रवाई से मंदिर प्रशासन और स्थानीय लोग नाराज हो गए. महंत दिव्या गिरी ने आरोप लगाया कि पार्षद रणजीत सिंह ने ही डिस्प्ले हटवाने का दबाव बनाया था. महंत ने सवाल उठाया कि नगर निगम ने जिस चीज को खुद लगाया था, उसे किस अधिकार से हटाया. उन्होंने कहा कि मंदिरों को सजाना सरकार का शासनादेश है और बुद्धेश्वर जैसे अन्य मंदिरों में भी ऐसी एलईडी वॉल लगी हुई हैं.
11 अगस्त को जब समर्थक नारेबाजी कर रहे थे, तब महंत दिव्या गिरी ने शांति की अपील की. उन्होंने मुख्यमंत्री के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि सद्भावना बनी रहनी चाहिए और ‘लड़ोगे तो कटोगे’ वाली स्थिति नहीं होनी चाहिए. फिलहाल इस मामले में पुलिस या नगर निगम की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.