UP: लखनऊ के मलिहाबाद में एक पुराने ढांचे को लेकर विवाद बढ़ गया है। पासी समाज इसे राजा कंस का किला और मंदिर बता रहा है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे पुरानी मस्जिद और कब्रिस्तान कहता है। इस मामले में पुलिस ने लाखन आर्मी के 15 स
UP: लखनऊ के मलिहाबाद में एक पुराने ढांचे को लेकर विवाद बढ़ गया है। पासी समाज इसे राजा कंस का किला और मंदिर बता रहा है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे पुरानी मस्जिद और कब्रिस्तान कहता है। इस मामले में पुलिस ने लाखन आर्मी के 15 सदस्यों पर मुकदमा दर्ज किया है, जिससे पासी समाज में काफी गुस्सा है और उन्होंने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
विवाद की मुख्य वजह और अब तक क्या हुआ
यह पूरा मामला मलिहाबाद के एक ऐतिहासिक ढांचे से जुड़ा है। पासी समाज का दावा है कि 11वीं सदी में यहाँ राजा कंस का शासन था और यह उनका किला और शिव मंदिर है। दूसरी तरफ, स्थानीय मुस्लिम समुदाय और ग्रामीणों का कहना है कि यह जमीन वक्फ बोर्ड में दर्ज कब्रिस्तान है और यहाँ एक पुरानी मस्जिद है जहाँ शिया और सुन्नी दोनों नमाज पढ़ते हैं। पिछले कुछ दिनों से यहाँ तनाव बढ़ा हुआ है और पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
पुलिस कार्रवाई और प्रशासन का क्या कहना है
25 मई 2026 को जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन करने वाले लाखन आर्मी के 15 सदस्यों के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया है। मलिहाबाद थाना इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने साफ कहा है कि माहौल खराब करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे पहले 24 मई को सुहेलदेव आर्मी के अध्यक्ष योगेश पासी ने यहाँ हनुमान चालीसा पढ़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस और PAC को तैनात करना पड़ा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी निर्देश दिए हैं कि सभी धार्मिक आयोजन निर्धारित स्थलों पर ही हों और सड़कों पर जाम लगाकर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी।
आंदोलन की चेतावनी और अलग-अलग दावे
लाखन आर्मी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज पासी ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर मस्जिद में नमाज रोकने की मांग की थी। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर पूर्वजों की विरासत पर कब्जा नहीं रुका तो 27 मई को अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा। वहीं, मौलाना सूफियान ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आजकल मस्जिद को मंदिर बताना एक ट्रेंड बन गया है। फिलहाल इलाके में शांति बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मलिहाबाद विवाद का मुख्य कारण क्या है?
यह विवाद एक पुराने ढांचे को लेकर है। पासी समाज इसे राजा कंस का किला और मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे वक्फ बोर्ड में दर्ज मस्जिद और कब्रिस्तान बताता है।
पुलिस ने किन लोगों पर कार्रवाई की है?
पुलिस ने 25 मई 2026 को जुमे की नमाज के बाद विरोध प्रदर्शन करने वाले लाखन आर्मी के 15 सदस्यों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।