Lucknow में मिलावटी पेट्रोल-डीजल गैंग का भंडाफोड़, पान की दुकान चलाने वाला निकला सरगना

Lucknow/Malihabad: लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पेट्रोल और डीजल में मिलावट कर लोगों को बेच रहा था। पुलिस ने ‘ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड’ के तहत रविवार, 12 जुलाई 2026 को मलिहाबा

Lucknow/Malihabad: लखनऊ पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है जो पेट्रोल और डीजल में मिलावट कर लोगों को बेच रहा था। पुलिस ने ‘ऑपरेशन एथेनॉल शील्ड’ के तहत रविवार, 12 जुलाई 2026 को मलिहाबाद से चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड अनिल कुमार है, जो पहले हाईवे पर पान की दुकान चलाता था।

जांच में पता चला कि अनिल ने अपनी दुकान के जरिए टैंकर चालकों से जान-पहचान बनाई और धीरे-धीरे तेल चोरी और मिलावट का एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। यह गिरोह पिछले काफी समय से सक्रिय था। टैंकर चालक एचपीसीएल अमौसी टर्मिनल जैसे डिपो से तेल भरकर निकलते थे और रास्ते में मास्टर चाबी की मदद से करीब 200 से 250 लीटर ईंधन चोरी कर लेते थे। चोरी किए गए तेल की जगह वे उसमें सॉल्वेंट और अन्य केमिकल मिला देते थे ताकि वजन और मात्रा बराबर रहे।

चोरी किया गया पेट्रोल अनिल कुमार को 75 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेचा जाता था। अनिल इसमें और केमिकल मिलाकर इसे मिलावटी ईंधन बनाता था और स्थानीय ग्राहकों को ऊंचे दामों पर बेचता था। ग्रामीण दुकानदार इस मिलावटी तेल को आगे 90 से 95 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बेच रहे थे।

पुलिस ने छापेमारी के दौरान भारी मात्रा में ईंधन और उपकरण जब्त किए हैं, जिसकी जानकारी नीचे दी गई है:

जब्त सामग्री मात्रा/विवरण
कुल पेट्रोल और डीजल 16,000 लीटर से अधिक
शुद्ध पेट्रोल 7,750 लीटर
शुद्ध डीजल 4,000 लीटर
मिलावटी पेट्रोल 1,150 लीटर
औद्योगिक सॉल्वेंट 3,200 लीटर
अन्य उपकरण प्लास्टिक पाइप, फनल, मास्टर चाबी, डिप रॉड

अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव ने बताया कि सोशल मीडिया पर इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल की वजह से गाड़ियों में खराबी आने की शिकायतें मिल रही थीं। जब पुलिस ने इसकी गहराई से जांच की, तो पता चला कि असल वजह इथेनॉल नहीं बल्कि यह अवैध मिलावट थी। इस कार्रवाई में आबकारी विभाग ने भी मदद की और नमूनों की जांच कर मिलावट की पुष्टि की। पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य खरीदारों और नेटवर्क की तलाश कर रही है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में अनिल कुमार (मलिहाबाद), अभिषेक राजपूत (काकोरी), धीरज सिंह (उन्नाव) और टैंकर चालक रामतीर्थ (हरदोई) शामिल हैं। पुलिस अब इनके कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि इस काले कारोबार की पूरी चेन का पता लगाया जा सके।