UP: लखनऊ के मलीहाबाद इलाके में एक जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ एक मस्जिद और कब्रिस्तान है, जिसे पासी समाज के लोग महाराजा कंस का किला बता रहे हैं। इस मामले को लेकर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हस
UP: लखनऊ के मलीहाबाद इलाके में एक जमीन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। यहाँ एक मस्जिद और कब्रिस्तान है, जिसे पासी समाज के लोग महाराजा कंस का किला बता रहे हैं। इस मामले को लेकर अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की गई है।
पासी समाज का क्या दावा है
पासी समाज के नेता सूरज पासवान का कहना है कि यह जगह असल में महाराजा कंस का किला थी। उनका दावा है कि पहले यहाँ पूजा-अर्चना होती थी, लेकिन अब वहाँ नमाज पढ़ी जा रही है। सूरज पासवान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक प्रार्थना पत्र भेजा है और इस स्थल को फिर से पुनर्जीवित करने की मांग की है क्योंकि यह उनकी आस्था से जुड़ा मामला है।
अल्पसंख्यक समाज और सरकारी दस्तावेज
दूसरी तरफ, अल्पसंख्यक समाज का कहना है कि सरकारी कागजों में यह जगह मस्जिद और मकबरा के रूप में दर्ज है। उनका तर्क है कि सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार यह स्थान एक कब्रिस्तान और मस्जिद है, इसलिए पासी समाज का दावा सही नहीं है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच इस बात को लेकर खींचतान चल रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मलीहाबाद में विवाद किस बात को लेकर है?
मलीहाबाद में एक स्थल को लेकर विवाद है। पासी समाज इसे महाराजा कंस का किला बता रहा है, जबकि अल्पसंख्यक समाज के अनुसार सरकारी दस्तावेजों में यह मस्जिद और कब्रिस्तान है।
इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से क्या मांग की गई है?
पासी समाज के नेता सूरज पासवान ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस स्थल को पुनर्जीवित करने की मांग की है, क्योंकि वे इसे अपनी आस्था का केंद्र मानते हैं।