UP: लखनऊ के माल ब्लॉक में पंचायत प्रतिनिधियों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। माल ब्लॉक प्रधान संघ की अध्यक्ष संयोगिता सिंह चौहान ने गुरुवार को मलिहाबाद तहसील जाकर एसडीएम अंकित कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ए
UP: लखनऊ के माल ब्लॉक में पंचायत प्रतिनिधियों ने अपना कार्यकाल बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। माल ब्लॉक प्रधान संघ की अध्यक्ष संयोगिता सिंह चौहान ने गुरुवार को मलिहाबाद तहसील जाकर एसडीएम अंकित कुमार को मुख्यमंत्री के नाम एक पत्र सौंपा। इस पत्र में प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल आगे बढ़ाने की अपील की गई है।
पंचायत कार्यकाल बढ़ाने की मांग क्यों हो रही है?
ग्राम पंचायतों का वर्तमान कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। वहीं, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची 10 जून 2026 को प्रकाशित होने की उम्मीद है, जिससे चुनाव में देरी होना तय दिख रहा है। इसी वजह से अप्रैल 2026 के आखिरी हफ्ते से ही पंचायत प्रतिनिधि कार्यकाल विस्तार की मांग कर रहे हैं।
सरकार और मंत्रियों का इस पर क्या कहना है?
पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने पहले ही संकेत दिए थे कि यदि चुनाव समय पर नहीं हुए, तो प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाया जाएगा। उन्होंने इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखने की बात कही थी। इसके साथ ही मंत्री ने ब्लॉक प्रमुखों की विकास निधि को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने की भी घोषणा की है।
चुनाव में देरी के मुख्य कारण क्या हैं?
जानकारी के मुताबिक, पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन और मतदाता सूची का तैयार न होना चुनावों में देरी की मुख्य वजहें हैं। वर्तमान में पंचायत चुनावों से जुड़ा मामला इलाहाबाद उच्च न्यायालय में भी विचाराधीन है। सरकार अब प्रशासकीय समिति के जरिए पंचायतों के संचालन पर विचार कर रही है, जिसमें मौजूदा प्रधान को अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल कब खत्म हो रहा है?
उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का वर्तमान कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
कार्यकाल बढ़ाने की मांग किसने और कैसे की?
माल ब्लॉक प्रधान संघ की अध्यक्ष संयोगिता सिंह चौहान ने मलिहाबाद एसडीएम अंकित कुमार के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर यह मांग की है।