Lucknow के माल ब्लॉक की 67 पंचायतों में सफाई अभियान शुरू, संचारी रोगों से बचाव की तैयारी
Lucknow: लखनऊ जनपद के माल विकास खंड में पंचायती राज विभाग ने मानसून के दौरान बीमारियों को रोकने के लिए कमर कस ली है। विकास खंड की सभी 67 ग्राम पंचायतों में एक वृहद सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 1 जुलाई 2026 स
Lucknow: लखनऊ जनपद के माल विकास खंड में पंचायती राज विभाग ने मानसून के दौरान बीमारियों को रोकने के लिए कमर कस ली है। विकास खंड की सभी 67 ग्राम पंचायतों में एक वृहद सफाई अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत 1 जुलाई 2026 से हुई है। इस अभियान में सैमसी सहित सभी पंचायतों को शामिल किया गया है ताकि बारिश के मौसम में फैलने वाले संचारी रोगों पर लगाम लगाई जा सके।
इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य मानसून के समय होने वाली गंदगी और जलभराव को रोकना है। पंचायती राज विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, गांवों के अंदर की सफाई, नालियों की सफाई और तालाबों के रखरखाव पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकारी नियमों के मुताबिक, वर्षा ऋतु में गोबर और कूड़े-कचरे से नालियां जाम हो जाती हैं, जिससे बीमारियां फैलने का खतरा रहता है, इसलिए इस समय सफाई अभियान को जरूरी माना गया है।
इसी बीच, उत्तर प्रदेश सरकार ने 29 जुलाई 2026 को राज्य स्तर पर ‘स्टॉप डायरिया अभियान 2026’ भी शुरू किया है। स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने इसका उद्घाटन किया। इस अभियान के जरिए बच्चों को डायरिया से बचाने के लिए सुरक्षित पेयजल, हाथ की स्वच्छता और ओआरएस (ORS) व जिंक के उपयोग के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण और शहरी बस्तियों में ‘डायरिया से डर नहीं’ नाम की जागरूकता वैन भी भेजी गई है।
राजधानी लखनऊ में 1 जुलाई से डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसे रोगों को रोकने के लिए दो महीने का व्यापक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन ने इस काम के लिए मनरेगा, 14वें वित्त आयोग और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन जैसी योजनाओं से बजट की व्यवस्था की है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर कुछ इलाकों में बारिश के बाद जलभराव की समस्या भी देखी गई है, जिस पर लोग नालों की सफाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं।