Lucknow में आवारा कुत्तों के हमले से चीतल की मौत, बाजारगांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग

Lucknow: राजधानी के माल थाना क्षेत्र के बाजारगांव में शुक्रवार सुबह आवारा कुत्तों के झुंड ने एक चीतल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना गांव के पास एक तालाब के किनारे हुई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस

Lucknow: राजधानी के माल थाना क्षेत्र के बाजारगांव में शुक्रवार सुबह आवारा कुत्तों के झुंड ने एक चीतल पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। यह घटना गांव के पास एक तालाब के किनारे हुई, जिसके बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा है। ग्रामीणों ने इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रशासन से मदद मांगी है।

जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार सुबह एक चीतल तालाब में फंस गया था, तभी वहां मौजूद आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। गांव वालों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर चीतल को बाहर तो निकाल लिया, लेकिन वह इतना गंभीर रूप से घायल था कि उपचार मिलने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।

ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे इंसानों और वन्यजीवों दोनों के लिए खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने वन विभाग और नगर निगम से मांग की है कि कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान को तेज किया जाए। साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी प्रभावी कदम उठाए जाएं।

इस मामले में रेंजर आलोक तिवारी ने बताया कि घटना की विस्तृत जानकारी वन रक्षक जयराम यादव से ली जा सकती है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 20 दिसंबर, 2025 को आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रित करने के लिए नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण के सख्त निर्देश जारी किए थे। इन नियमों में अधिकारियों की लापरवाही पर दंड का प्रावधान भी रखा गया था।

लखनऊ नगर निगम के पुराने आंकड़ों के अनुसार, शहर में करीब 95,000 आवारा कुत्ते थे, जिनमें से लगभग आधे की नसबंदी होना बाकी था। शहर में पहले भी कुत्तों के हमले की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें पूर्व कार्यवाहक महापौर और एक बच्ची पर हुए हमले शामिल हैं। स्थानीय लोग अब चाहते हैं कि सरकार के दिशा-निर्देशों को जमीन पर लागू किया जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।