UP : लखनऊ के महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज में शुक्रवार, 15 मई 2026 को भारत सरकार की स्व-गणना जनगणना योजना पर एक प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस कैंप का मकसद शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं को जनगणना की नई डिजिटल प्रक्रिया
UP : लखनऊ के महिला विद्यालय डिग्री कॉलेज में शुक्रवार, 15 मई 2026 को भारत सरकार की स्व-गणना जनगणना योजना पर एक प्रशिक्षण शिविर लगाया गया। इस कैंप का मकसद शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं को जनगणना की नई डिजिटल प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाना था ताकि वे इसे सही तरीके से पूरा कर सकें।
स्व-गणना (Self-Enumeration) क्या है और कैसे करें
उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू हो चुकी है जो 21 मई 2026 तक चलेगी। लोग आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर खुद अपनी जानकारी भर सकते हैं। इसमें राज्य चुनना, परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर और अपने घर की लोकेशन मैप पर मार्क करना शामिल है। पूरी प्रक्रिया के बाद एक 11 अंकों की SE ID मिलती है, जिसे बाद में प्रगणक (Enumerator) को दिखाना होगा।
जनगणना 2027 के मुख्य चरण और जरूरी नियम
भारत की यह 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। इसका पहला चरण यानी मकानों की गिनती 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जिसमें घर की सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या की गिनती और 1931 के बाद पहली बार जातिगत डेटा इकट्ठा किया जाएगा। किसी भी मदद के लिए सरकार ने टोल-फ्री नंबर 1855 जारी किया है।
अधिकारियों ने डेटा सुरक्षा और भागीदारी पर क्या कहा
UP की जनगणना निदेशक IAS शीतल वर्मा ने भरोसा दिलाया है कि इकट्ठा किया गया डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और इसे किसी के साथ साझा नहीं किया जाएगा। मुख्य सचिव SP गोयल और लखनऊ DM विशाख जी ने इस प्रक्रिया को एक जन आंदोलन बनाने पर जोर दिया है। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे सार्वजनिक केंद्रों पर हेल्प डेस्क लगाएं ताकि आम लोगों को ऑनलाइन फॉर्म भरने में दिक्कत न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
स्व-गणना (Self-Enumeration) की अंतिम तारीख क्या है?
उत्तर प्रदेश में स्व-गणना की प्रक्रिया 7 मई 2026 को शुरू हुई थी और यह 21 मई 2026 तक जारी रहेगी। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी भर सकते हैं।
क्या इस बार जातिगत गणना होगी?
हाँ, जनगणना 2027 के दूसरे चरण में (फरवरी 2027 में) जातिगत डेटा एकत्र किया जाएगा। वर्तमान मकान सूचीकरण चरण में केवल घर की सुविधाओं से संबंधित प्रश्न पूछे जा रहे हैं।