UP: लखनऊ के मड़ियांव इलाके में पुलिस ने एक किराएदार को अवैध हथियार के साथ पकड़ा है। प्रीतिनगर में रहने वाला यह व्यक्ति घर के अंदर नशे की हालत में हंगामा कर रहा था, जिसकी जानकारी मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने
UP: लखनऊ के मड़ियांव इलाके में पुलिस ने एक किराएदार को अवैध हथियार के साथ पकड़ा है। प्रीतिनगर में रहने वाला यह व्यक्ति घर के अंदर नशे की हालत में हंगामा कर रहा था, जिसकी जानकारी मकान मालिक ने तुरंत पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी के पास से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं।
किराएदार की गिरफ्तारी कैसे हुई
मड़ियांव थानाक्षेत्र के प्रीतिनगर में एक किराएदार शराब के नशे में घर के अंदर शोर-शराबा कर रहा था। मकान मालिक ने जब उसकी हरकतें देखीं तो पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने जब छापेमारी की तो आरोपी के पास से गैरकानूनी हथियार मिला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और हथियार को जब्त कर लिया है।
अवैध हथियार रखने पर क्या है कानून
भारत में बिना लाइसेंस के हथियार रखना Arms Act, 1959 के तहत अपराध है। इस कानून की धारा 25(1)(a) के मुताबिक बिना लाइसेंस हथियार रखने वाले को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर 2 से 5 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।
लखनऊ में किराएदारों का वेरिफिकेशन क्यों जरूरी है
लखनऊ पुलिस ने नवंबर 2025 में ‘Operation Pehchaan’ शुरू किया था। इसके तहत अब हर मकान मालिक के लिए किराएदार का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य है। मकान मालिक को किराएदार के आने के एक महीने के भीतर उसकी जानकारी UPCOP ऐप या पुलिस वेबसाइट पर देनी होती है। अगर किराएदार किसी अपराध में शामिल पाया जाता है और उसका वेरिफिकेशन नहीं हुआ है, तो मकान मालिक पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ में किराएदार का वेरिफिकेशन कैसे करें
मकान मालिक लखनऊ पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट या UPCOP ऐप के जरिए ऑनलाइन वेरिफिकेशन कर सकते हैं। इसके लिए किराएदार का आधार कार्ड, फोटो, फोन नंबर और स्थायी पता होना जरूरी है।
बिना लाइसेंस हथियार रखने पर कितनी सजा हो सकती है
Arms Act, 1959 के अनुसार अवैध हथियार रखने पर 2 से 5 साल तक की कैद और आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है।