UP: लखनऊ में एक निलंबित मदरसा सहायक अध्यापक ने नौकरी पाने और पासपोर्ट बनवाने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। आरोपी शिक्षक पर आरोप है कि उसने अलग-अलग कागजों में अपनी जन्मतिथि गलत दर्ज की ताकि वह नियमों का फायदा उठा सके। इ
UP: लखनऊ में एक निलंबित मदरसा सहायक अध्यापक ने नौकरी पाने और पासपोर्ट बनवाने के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा किया है। आरोपी शिक्षक पर आरोप है कि उसने अलग-अलग कागजों में अपनी जन्मतिथि गलत दर्ज की ताकि वह नियमों का फायदा उठा सके। इस मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई धोखाधड़ी
लखनऊ के एक मदरसा सहायक अध्यापक को फिलहाल निलंबित कर दिया गया है। जांच में यह बात सामने आई कि आरोपी ने नौकरी हासिल करने के लिए एक जन्मतिथि का इस्तेमाल किया और पासपोर्ट बनवाने के लिए दूसरी जन्मतिथि दिखाई। दस्तावेजों में इस तरह की हेराफेरी कर उसने सरकारी नियमों को धोखा दिया, जिसके बाद अब उस पर कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है।
UP के मदरसों में बढ़ते फर्जीवाड़े के अन्य मामले
उत्तर प्रदेश के मदरसों में इस तरह की अनियमितताएं अक्सर सामने आती रही हैं। हाल ही में जौनपुर और बाराबंकी में फर्जी बायोमेट्रिक हाजिरी लगाकर वेतन निकालने का मामला खुला, जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए। इसके अलावा, फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नौकरी पाने वाले 22 लोगों की सेवा समाप्त की गई और कुछ मामलों में विदेश में रहकर वेतन लेने वाले शिक्षकों पर ED ने भी कार्रवाई की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लखनऊ के मदरसा शिक्षक पर क्या आरोप लगा है?
शिक्षक पर आरोप है कि उसने नौकरी पाने और पासपोर्ट बनवाने के लिए अलग-अलग दस्तावेजों में गलत जन्मतिथि दर्ज कर धोखाधड़ी की।
क्या इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई हुई है?
हाँ, आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है और इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।