Lucknow के लोहिया संस्थान में पहली बार EBUS जांच सफल, फेफड़ों के कैंसर और टीबी के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

Lucknow: राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में पहली बार एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड (EBUS) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है।

Lucknow: राजधानी लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान ने चिकित्सा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। संस्थान में पहली बार एंडोब्रोंकियल अल्ट्रासाउंड (EBUS) प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इस नई सुविधा से अब फेफड़ों के कैंसर और टीबी जैसे गंभीर रोगों की जांच पहले से कहीं अधिक सटीक और तेज हो सकेगी।

यह प्रक्रिया 24 जून, 2026 को संपन्न हुई। EBUS एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जिसमें ब्रोंकोस्कोपी के साथ अल्ट्रासाउंड इमेजिंग का इस्तेमाल किया जाता है। इसकी मदद से डॉक्टर छाती के भीतर की संरचनाओं को साफ देख सकते हैं और जरूरी नमूने ले सकते हैं। यह तरीका पारंपरिक सर्जिकल तरीकों के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित है और इसमें जटिलताएं भी कम होती हैं।

इस तकनीक का सबसे ज्यादा फायदा फेफड़ों के कैंसर के मरीजों को होगा, क्योंकि इससे बीमारी के स्टेज का सही पता लगाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, तपेदिक (TB) जैसे संक्रमण और सारकॉइडोसिस जैसी सूजन संबंधी बीमारियों के निदान में भी यह प्रक्रिया कारगर साबित होगी। यह तकनीक छाती में बढ़े हुए लिम्फ नोड्स की जांच करने और बायोप्सी के लिए वास्तविक समय में मार्गदर्शन प्रदान करती है।

लोहिया संस्थान लगातार मरीजों को आधुनिक उपचार देने के लिए नई सुविधाएं जोड़ रहा है। इस सफल प्रक्रिया के बाद अब मरीजों को समय पर और सटीक इलाज मिल सकेगा, जिससे उनके ठीक होने की संभावना बढ़ जाएगी।