Lucknow में अब तहसील के चक्कर काटने से मिलेगी मुक्ति, लेखपालों के नंबर ऑनलाइन जारी

UP : लखनऊ प्रशासन ने आम लोगों की परेशानी दूर करने के लिए एक बड़ी डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब शहर और गांव के लोगों को अपने क्षेत्र के लेखपाल का नंबर खोजने के लिए तहसील ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिलाधिकारी विशाख ज

UP : लखनऊ प्रशासन ने आम लोगों की परेशानी दूर करने के लिए एक बड़ी डिजिटल सुविधा शुरू की है। अब शहर और गांव के लोगों को अपने क्षेत्र के लेखपाल का नंबर खोजने के लिए तहसील ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर के निर्देश पर सभी तहसीलों के लेखपालों के मोबाइल नंबर और उनकी तैनाती की पूरी जानकारी ऑनलाइन कर दी गई है।

ऑनलाइन नंबर से कैसे होगा आम जनता का फायदा

इस सुविधा के आने से अब किसान, छात्र और ग्रामीण लोग घर बैठे ही अपने मोबाइल या कंप्यूटर से लेखपाल से संपर्क कर सकेंगे। आय, जाति, मूल निवास और चरित्र प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कागजात बनवाने के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। इसके अलावा पीएम किसान सम्मान निधि का सत्यापन, फसल मुआवजा और ग्रामीण आवास योजना की पात्रता जांच जैसे काम भी अब आसान हो जाएंगे। भूमि की पैमाइश और जमीन विवादों को सुलझाने के लिए भी लोग सीधे संबंधित अधिकारी से बात कर सकेंगे।

किन तहसीलों के लेखपालों की जानकारी उपलब्ध है

प्रशासन ने लखनऊ की सभी पांच तहसीलों का पूरा डेटा ऑनलाइन पोर्टल पर डाल दिया है। इसमें अलग-अलग तहसीलों की ग्राम सभाओं का विवरण इस प्रकार है:

तहसील का नाम ग्राम सभाओं की संख्या
मोहनलालगंज 230
बख्शी का तालाब (BKT) 220
सदर 191
मलिहाबाद 188
सरोजनीनगर 132

जानकारी के लिए कहां जाना होगा

लखनऊ प्रशासन ने इसके लिए एक आधिकारिक वेबसाइट बनाई है। नागरिक https://lucknowbhulekh.in/MasterData/LekhpalByTehsil पर जाकर अपनी तहसील और ग्राम सभा चुनकर लेखपाल का नाम और मोबाइल नंबर देख सकते हैं। यह सिस्टम डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के लिए लागू किया गया है ताकि सरकारी तंत्र और जनता के बीच तालमेल बेहतर हो सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

लखनऊ के लेखपालों का नंबर ऑनलाइन कैसे देखें?

आप आधिकारिक वेबसाइट https://lucknowbhulekh.in/MasterData/LekhpalByTehsil पर जाकर अपनी तहसील और ग्राम सभा का चयन करके संबंधित लेखपाल का मोबाइल नंबर प्राप्त कर सकते हैं।

इस सुविधा से किन कामों में आसानी होगी?

इससे आय, जाति, मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने, पीएम किसान सत्यापन, फसल मुआवजे और जमीन की पैमाइश जैसे राजस्व कार्यों के लिए तहसील कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।