Lucknow में LDA की वेलनेस सिटी योजना में जल्द मिलेगी जमीन, सितंबर में 200 भूखंडों की होगी लॉटरी
UP/Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की वेलनेस सिटी परियोजना में अब जमीन पाने का इंतजार खत्म होने वाला है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने घोषणा की है कि अगले महीने यानी सितंबर 2026 में करीब 200 और भूखंडों का आवंटन लॉटरी के
UP/Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की वेलनेस सिटी परियोजना में अब जमीन पाने का इंतजार खत्म होने वाला है। उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने घोषणा की है कि अगले महीने यानी सितंबर 2026 में करीब 200 और भूखंडों का आवंटन लॉटरी के जरिए किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट सुल्तानपुर रोड और किसान पथ के बीच करीब 485 हेक्टेयर इलाके में विकसित हो रहा है।
एलडीए उपाध्यक्ष ने हाल ही में प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया और साफ किया कि लैंड पूलिंग के तहत जिन किसानों ने 10 एकड़ या उससे ज्यादा जमीन दी है, उन्हें ग्रीन कॉरिडोर के पास प्राइम लोकेशन पर प्लॉट दिए जाएंगे। इन खास भूखंडों के आसपास के विकास का पूरा काम खुद एलडीए कराएगा। अधिकारियों का मानना है कि वेलनेस सिटी में विकसित प्लॉट मिलना किसानों के लिए कच्ची खेती की जमीन से कहीं ज्यादा फायदेमंद साबित होगा।
इस पूरी टाउनशिप को एक मेडी सिटी के तौर पर बनाया जा रहा है। इसमें सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर और विपासना सेंटर जैसी सुविधाएं होंगी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए करीब 150 एकड़ जमीन आरक्षित रखी गई है। इस योजना में बक्कास, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, दुलारमऊ, नूरपुर बेहटा और मस्तेमऊ जैसे गांव शामिल हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| कुल आवासीय भूखंड | 2,935 |
| कुल फ्लैट्स | 10,000 से ज्यादा |
| आधिकारिक दर | 5,100 रुपये प्रति वर्ग फुट |
| प्लॉट साइज (वर्गमीटर) | 35, 45, 72, 128, 200 और 288 |
| कुल बजट (2026-27) | 5,148 करोड़ रुपये |
नियमों की बात करें तो लैंड पूलिंग नीति के तहत जमीन देने वाले किसानों को बिना किसी नकद मुआवजे के विकसित क्षेत्र में 25 प्रतिशत जमीन प्लॉट के रूप में मिल रही है। वहीं, एक जरूरी चेतावनी भी जारी की गई है। मोहनलालगंज तहसील के प्रभावित क्षेत्रों में कलेक्टर की अनुमति के बिना किसी भी तरह की रजिस्ट्री या जमीन का ट्रांसफर पूरी तरह बंद है। अगर किसी ने प्रॉपर्टी डीलर के झांसे में आकर जमीन खरीदी है, तो उसे सरकार से कोई मुआवजा या लाभ नहीं मिलेगा। योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं मूल मालिकों को मिलेगा जिनका नाम सरकारी कागजों में दर्ज है।
कनेक्टिविटी के लिए यहां 6.5 किलोमीटर लंबा और 24 मीटर चौड़ा ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जो शहीद पथ से किसान पथ को जोड़ेगा। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए हैं कि मानसून से पहले मिट्टी भराई का काम पूरा कर लिया जाए ताकि निर्माण में कोई रुकावट न आए।