Lucknow: अलीगंज अग्निकांड के बाद LDA में बड़ा फेरबदल, 25 कर्मचारियों के तबादले और कई अधिकारियों पर गाज

Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन अब सख्त मोड में नजर आ रहा है। LDA ने एक साथ 25 कर्

Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई थी, जिसके बाद प्रशासन अब सख्त मोड में नजर आ रहा है। LDA ने एक साथ 25 कर्मचारियों का तबादला कर दिया है, जिसमें सुपरवाइजर, मेट और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं।

LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के ऑफिस से जारी आदेश के मुताबिक, इन सभी कर्मचारियों की पुरानी तैनाती रद्द कर उन्हें नई जगहों पर भेजा गया है। तबादला होने वालों में मेट वीरेंद्र यादव, मुकेश कुमार, राजेश पांडेय, विनोद कुमार, जितेंद्र कुमार और सुपरवाइजर लक्ष्मी शंकर त्रिवेदी, राकेश यादव, सत्यप्रकाश तिवारी, प्रेम प्रकाश लाल और प्रदीप कुमार जैसे नाम शामिल हैं।

इस हादसे को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बहुत सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने को कहा। जांच के लिए दो सदस्यीय SIT बनाई गई है, जिसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव अमृत अभिजात और ADG (लखनऊ जोन) प्रवीण कुमार शामिल हैं। यह टीम सात दिन के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी।

कार्रवाई की कड़ी में 23 जून को चार सरकारी कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। इनमें LDA के असिस्टेंट इंजीनियर अनिल कुमार, जूनियर इंजीनियर प्रमोद पांडेय, बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता गौरव कुमार और फायर सेफ्टी स्टेशन ऑफिसर कमलेंद्र कुमार सिंह शामिल हैं। हालांकि, बिजली विभाग के कर्मचारियों की यूनियन ने अधिशासी अभियंता के निलंबन को गलत बताया है।

जांच में यह बात सामने आई कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह रिहायशी इस्तेमाल के लिए मंजूर थी लेकिन वहां कमर्शियल तौर पर एनीमेशन सेंटर और पेट शॉप चलाया जा रहा था। बिजली सुरक्षा निदेशालय की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, ओवरलोडिंग और खराब वेंटिलेशन की वजह से AC कंप्रेसर में ब्लास्ट हुआ, जिससे आग फैली।

LDA ने अब शहर भर में अभियान चलाकर 71 दुकानों और संस्थानों को सील किया है और 83 मालिकों को नोटिस भेजा है। साथ ही, 2016 से 2026 के बीच अवैध निर्माण रोकने में लापरवाही बरतने वाले 25 अधिकारियों की पहचान की गई है, जिनमें 19 इंजीनियर और 6 PCS अधिकारी शामिल हैं। SIT अब इन PCS अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है। जिस बिल्डिंग में हादसा हुआ, उसे 15 दिन का नोटिस देकर ध्वस्त किया जाएगा।