Lucknow में LDA का बड़ा एक्शन, फायर सेफ्टी न होने पर कई कोचिंग और लाइब्रेरी सील
Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पूरी तरह एक्शन मोड में है। शहर में फायर सेफ्टी के नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग सेंटरों, होटलों और लाइब्रेरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा र
Lucknow: अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) पूरी तरह एक्शन मोड में है। शहर में फायर सेफ्टी के नियमों की अनदेखी करने वाले कोचिंग सेंटरों, होटलों और लाइब्रेरी के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद भविष्य में ऐसी किसी बड़ी दुर्घटना को रोकना और लोगों की जान बचाना है।
बुधवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में हुई छापेमारी के दौरान 71 प्रतिष्ठानों को सील किया गया और 83 भवन मालिकों को नोटिस भेजे गए। गोमती नगर, कानपुर रोड, कृष्णानगर और हजरतगंज जैसे इलाकों में एलन कोचिंग, आकाश इंस्टीट्यूट, फिजिक्स वाला, ग्रेविटी और मोशन जैसे बड़े कोचिंग सेंटरों पर भी गाज गिरी है। वहीं गुरुवार को भी यह अभियान जारी रहा, जिसके तहत विराट खंड की दृष्टि कोण लाइब्रेरी को सुरक्षा मानकों की कमी के कारण सील कर दिया गया।
अलीगंज अग्निकांड की गंभीरता को देखते हुए LDA ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने के आरोप में सुपरवाइजर और मेट समेत 25 कर्मचारियों का तबादला कर दिया गया है। इसके अलावा, 19 इंजीनियरों और 6 पीसीएस स्तर के अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है, जिनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इस मामले में अब तक 4 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
| मुख्य विवरण | जानकारी |
|---|---|
| सील किए गए संस्थान | 71 प्रतिष्ठान (बुधवार तक) |
| जारी किए गए नोटिस | 83 भवन मालिक और संचालक |
| अग्निकांड में मौतें | 15 लोग (दम घुटने से मौत) |
| तबादला किए गए कर्मचारी | 25 कर्मचारी |
| ध्वस्तीकरण की तारीख | 7 जुलाई (अलीगंज की संबंधित इमारत) |
| नया नियम | लो-राइज को छोड़कर सभी भवनों के लिए फायर सेफ्टी शपथ पत्र अनिवार्य |
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने साफ किया है कि सुरक्षा मानकों में किसी भी तरह की ढील बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अलीगंज की जिस इमारत में आग लगी, उसे 2016 में ही गिरा देना चाहिए था। अब उस इमारत पर ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया गया है और 7 जुलाई तक उसे ढहाने की तैयारी है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस घटना के बाद पूरे राज्य में बेसमेंट के अंदर कोचिंग सेंटर चलाने और किसी भी व्यावसायिक गतिविधि करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी अधिकारियों को आपदा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। अब सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फायर सेफ्टी से संबंधित नोटरीकृत शपथ पत्र देना होगा, जिसका रिकॉर्ड LDA मुख्यालय में रखा जाएगा और इसकी साप्ताहिक रिपोर्ट सचिव को सौंपी जाएगी।