Lucknow में LDA का बड़ा एक्शन, एलन और आकाश समेत कई कोचिंग सेंटर सील, छात्रों की पढ़ाई पर असर
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के कई बड़े कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी पर कड़ी कार्रवाई की है। अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी, उसके बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इस
Lucknow: लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने शहर के कई बड़े कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरी पर कड़ी कार्रवाई की है। अलीगंज में हुए दर्दनाक अग्निकांड, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई थी, उसके बाद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इस अभियान के तहत कई नामी संस्थानों को सील कर दिया गया है, जिससे छात्रों और संचालकों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
यह पूरी कार्रवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुरू की गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के आदेश पर अग्निशमन विभाग और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीमें उन जगहों की जांच कर रही हैं, जहां भारी संख्या में छात्र और बुजुर्ग जमा होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई कोचिंग सेंटर ऐसी इमारतों में चल रहे थे, जिन्हें शिक्षा के लिए मंजूरी नहीं मिली थी। साथ ही, बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधियां चलाने और फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी करने वालों पर गाज गिरी है।
24 जून से शुरू हुई इस कार्रवाई में एलन, आकाश, ग्रेविटी, गवर्नमेंट एग्जाम वाला और पैरामाउंट जैसे बड़े नाम शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन भवनों का नक्शा केवल ‘वाणिज्यिक कार्यालय’ के लिए पास था, वहां बिना लैंड यूज बदले कोचिंग क्लास चलाना गलत है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अंकुश मित्तल और नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह की टीमों ने कई इमारतों का निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन मिलने पर उन्हें तुरंत सील कर दिया गया।
| तारीख | कुल सील प्रतिष्ठान | जारी नोटिस |
|---|---|---|
| 25 जून तक | 71 | 83 |
| 26 जून तक | 126 | 161 |
इस कार्रवाई का असर अब छात्रों पर दिखने लगा है। कई छात्र सड़कों पर परेशान नजर आए और उन्होंने सवाल उठाया कि अब उनकी पढ़ाई कैसे होगी। कुछ छात्रों ने यह भी बताया कि एडमिशन के वक्त उन्हें फायर सेफ्टी के बारे में कुछ नहीं बताया गया, बल्कि केवल मोटी फीस और सुविधाओं का लालच दिया गया। दूसरी तरफ, कोचिंग संचालकों ने इस कार्रवाई का विरोध किया है। उनका दावा है कि उन्होंने सभी मानक पूरे किए थे, फिर भी बिना किसी सुनवाई के उनके संस्थानों को सील कर दिया गया।
एलडीए के मुताबिक यह अभियान अगले तीन हफ्तों तक लगातार चलेगा। लखनऊ के अलावा वाराणसी, हाथरस और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में भी इसी तरह की जांच और कार्रवाई की जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।